जदयू के पूर्व विधायक को कोर्ट ने सुनाई 5 साल कैद की सजा, हत्या के प्रयास का था आरोप

जदयू के पूर्व विधायक को कोर्ट ने सुनाई 5 साल कैद की सजा, हत्या के प्रयास का था आरोप

बिहार के समस्तीपुर की एक अदालत ने सोमवार को जनता दल-यूनाइटेड के पूर्व विधायक रामबालक सिंह  (Rambalak Singh) और उनके भाई को हत्या के प्रयास के एक मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने इस 21 साल पुराने मामले में 11 सितंबर को रामबालक सिंह और उनके भाई लालबाबू सिंह को दोषी ठहराया और 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

शिकायतकर्ता ललन सिंह के अनुसार, उसकी रामबालक सिंह से पुरानी दुश्मनी थी।

बतौर ललन, "मैं 4 जून, 2000 को गंगा सिंह की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए रघुनाथपुर गांव गया था। जब मैं विभूतिपुर अपने घर लौट रहा था, तो रामबालक सिंह और लाल बाबू सिंह ने मुझे उपेंद्र सिंह के घर के पास रोक लिया। रामबालक सिंह मोटर चला रहा था। बाइक पर सवार लालबाबू सिंह ने मुझ पर गोलियां चला दीं। मेरे बाएं हाथ में चोटें आईं और मैंने अपनी उंगली खो दी।"

ललन ने आगे कहा, "आरोपी ने उस रात मुझे मारने की कोशिश की थी। मैं खुशकिस्मत था कि गोलीबारी की आवाज सुनकर पड़ोसी वहां जमा हो गए और मुझे बचा लिया।"

इस संबंध में 5 जून, 2000 को विभूतिपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जदयू) के टिकट पर विभूतिपुर से साल 2015 का विधानसभा चुनाव जीतने वाले रामबालक सिंह पर चुनाव आयोग के पास दायर हलफनामे के अनुसार आठ आपराधिक मामले हैं।

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