गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत 1737 कुपोषित परिवारों को 1745 गोवंश उपलब्ध कराकर लाभान्वित किया गया

गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत 1737 कुपोषित परिवारों को 1745 गोवंश उपलब्ध कराकर लाभान्वित किया गया

मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत कुपोषित बच्चों के पात्र एवं इच्छुक परिवारो को जिले में स्थापित एवं संचालित विभिन्न प्रकार के गोवंश आश्रय स्थलों से गाय उपलब्ध कराये जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में पोषण मिशन के अन्तर्गत अद्यतन 1737 परिवारों को 1745 गोवंश उपलब्ध कराकर लाभान्वित किया गया है। पशुधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर रखने के लिए कुपोषित बच्चों के परिवार जिनके पास गाय रखने का स्थान हो और वह गौ पालन के इच्छुक हों, उन्हें आच्छादित किया गया है। लाभार्थी कीे इच्छानुसार उसे गो आश्रय स्थल पर उपलब्ध गायों में से गाय चुनने का अवसर भी दिया गया है।

जनपदों में जिलाधिकारी ऐसे इच्छुक कृषकों/पशुपालकों व अन्य व्यक्तियों को चिन्हित करा रहें हैं, जो निराश्रित गोवंश की पालने हेतु तैयार है। इच्छुक व्यक्ति को जिलाधिकारी द्वारा रू0 30/-(रूपये तीस मात्र) प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से भरण-पोषण हेतु धनराशि दी जाती है। लाभार्थी को यह धनराशि उसके बैंक खाते में  प्रतिमाह डी0बी0टी0 प्रक्रिया द्वारा हस्तान्तरित करने की व्यवस्था की गई है।

लाभार्थी को गोवंश सरकार/जिला प्रशासन द्वारा स्थापित व संचालित अस्थायी/स्थायी केन्द्रों के माध्यम से सुपुर्द किया जाता है। लाभार्थी द्वारा गोवंश को किसी भी दशा में विक्रय या छुटटा नही छोड़ा जा सकता है। महिलाओं और बच्चों का कुपोषण दूर करने में गोवंश की अत्यंत उपयोगिता है। मुख्यमंत्री निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत कुपोषित बच्चों के पात्र एवं इच्छुक परिवारो को गाय उपलब्ध कराये जाने से प्रत्येक परिवार में दूध की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है, जो बच्चों एवं माताओं के लिए अत्यन्त लाभदायक है।

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