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मनुष्य के लिए क्या घी और शहद मिलकर जहरीला बन सकता है?

मनुष्य के लिए क्या घी और शहद मिलकर जहरीला बन सकता है?

आयुर्वेद में, घी और शहद का अत्यधिक महत्व माना जाता है और मनुष्यो के लिए स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। आयुर्वेदिक के अनुसार इन दोनों का मिश्रण हानिकारक होता है। एक समान शहद और घी  को मिलाकर पीने से विषाक्त हो सकता है और यह शरीर में परेशानी ला सकता है। शहद और घी मिलने पर क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम नामक पदार्थ व्यक्ति के शरीर में तेजी से बढ़ता है और इससे पेट दर्द, सांस संबंधी समस्याएं, और कैंसर  भी हो सकता है। क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम एक बैक्टीरिया होता है जो खासकर कम ऑक्सीजन की स्थिति में डेंजरस विषाक्त पदार्थों का उत्पादन कर सकता है।

 

पंचामृत में शहद और घी: यह एक आश्चर्यचकित की बात है कि यदि शहद और घी मिलकर जहर बन जाता है तो पंचामृत बनाते समय शहद और घी का एक साथ क्यों इस्तमाल किया जाता है। पंचामृत पांच खाद्य पदार्थों का मिश्रण है जिसका उपयोग हम पूजा में करते है जिसको प्रसाद के रूप में दिया जाता है। इसको बनाने के लिए दही, दूध, घी, चीनी और शहद की जरुरत होती है। पंचामृत में शहद और घी को समान अनुपात में नहीं मिलाया जाता है इस लिए घी और शहद जहरीला नहीं होता है पंचामृत  के लिए। आमतौर पर पंचामृत के लिए इन दोना का केवल 1 चम्मच ही यूज़ किया था जो व्यक्ति के शरीर लिए ठीक होता है और स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक नहीं होता है। 

 

घी के लाभ:  घी मक्खन के रूप में भी जाना जाता है। घी विटामिन , दूध प्रोटीन, ब्यूटिरिक एसिड, ओमेगा -3 फैटी एसिड और  स्वस्थ फैट्स जैसे पोषक तत्वों का भंडार है जो मनुष्य के स्वास्थ्य को अच्छा रखता है। घी मधुमेह रोगियों के लिए अधिक फायदेमंद होता है जो कब्ज को भी काम समय में ठीक कर सकता है।

 

शहद के लाभ:  शहद  को औषधीय गुणों के लिए जाना गया है। खांसी और गले में खराश का इलाज करने के लिए शहद हमें कई तरीकों से लाभ पहुंचा सकता है। बहुत से मनुष्य इसका सेवन खाली पेट नीबू के साथ वजन को कम करने के लिए करते है और काली मिर्च और अदरक के साथ गले में खराश को ठीक करने के लिए भी करते है।

 

किसी भी चीज़ को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले। -BS