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कोरोना वायरस के लॉन्ग संक्रमण के लिए जिम्मेदार है कमजोर इम्यून सिस्टम

कोरोना वायरस के लॉन्ग संक्रमण के लिए जिम्मेदार है कमजोर इम्यून सिस्टम

कोरोना वायरस संक्रमण होने के लिए अधिकतर कमजोर इम्यूनिटी कारण होती है। अमेरिका में हाल ही में एक रिसर्च में सामने आया है कि लॉन्ग कोविड 19 संक्रमण के लिए असामान्य रूप से कमजोर इम्यून सिस्टम जिम्मेदार हो सकता है।

कोविड बीमारी से उबरने वाले व्यक्तियों में कई लक्षण बने रहते हैं, जैसे कि थकान, मानसिक आलस्य और सांस की तकलीफ। ये सभी लक्षण महीनों तक बने रह सकते हैं।


इसे आम तौर पर लॉन्ग कोविड के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, हालांकि लक्षण व्यापक रूप से अलग-अलग होते हैं। हालांकि, इसके कारणों की सीमित समझ इलाज करने के तरीके खोजना खासतौर पर कठिन बना देती है।


कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय-लॉस एंजिल्स के शोधकतार्ओं ने लेरोनलिमैब का एक छोटा परीक्षण किया। जिसमें पाया गया कि लॉन्ग कोविड वाले कुछ लोगों में कोविड 19 से उबरने के बाद वास्तव में सक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली हो सकती है। यूसीएलए के डेविड गेफेन स्कूल ऑफ मेडिसिन में प्रोफेसर डॉ ओटो यांग ने समीक्षा की।


आठ हफ्तों के दौरान उन्होंने लॉन्ग कोविड से जुड़े लक्षणों में होने वाले बदलाव को ट्रैक किया। जिसमें गंध, स्वाद, मांसपेशियों, जोड़ों में दर्द और मस्तिष्क का नुकसान शामिल था।


शोधकर्ताओं ने मूल रूप से सोचा था कि एंटीबॉडी के साथ सीसीआर 5 को ब्लॉक करने से कोविड -19 संक्रमण के बाद अतिसक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधि कम हो जाएगी।


यांग ने कहा, लेकिन हमने इसके ठीक विपरीत पाया।


यांग ने कहा, यह नई परिकल्पना की ओर जाता है कि कुछ व्यक्तियों में लॉन्ग कोविड प्रतिरक्षा प्रणाली के दबने से संबंधित है, लेकिन अतिसक्रिय नहीं है। यह एंटीबॉडी कोशिका की सतह पर सीसीआर 5 अभिव्यक्ति को स्थिर कर सकती है, जिससे अन्य प्रतिरक्षा रिसेप्टर्स या कार्यों का अपचयन होता है।