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"ओमिक्रॉन" वायरस पर एम्स प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया का बयान, कहा वैक्सीन लगवाने वालों को भी खतरा

कोरोना वायरस संक्रमण के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने चिंता जताते हुए कहा कि ये वेरिएंट कोरोना वैक्सीन को भी बेअसर करने में सक्षम है।


गौरतलब है कि दुनिया भर में तूफान लाने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण का नया वेरिएंट "ओमिक्रॉन" सामने आने पर भारत में अलर्ट जारी किया गया है। इसी संबंध में रविवार को केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें ओमिक्रॉन को टालने के सभी ऐहतियात बरतने की निर्देश दिए गए। 


वहीं एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने रविवार को वेरिएंट के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि नया वेरिएंट ओमिक्रॉन स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में 30 से अधिक म्यूटेशन पैदा कर रहा है। ऐसे में ये काफी घातक सिद्ध हो सकता है। वहीं कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगाई गई वैक्सीन से शरीर में तैयार हुई एंटीबॉडीज को भी ये भेदने में सक्षम हो सकता है। ये वैक्सीनेटेड व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है।


बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के इस वेरिएंट का पहला मामला दक्षिण अफ्रिका में सामन आया है। इसकी जानकारी मिलते ही दुनिया में कई देशों ने यात्रा प्रतिबंध लगाए है। इसके अलावा हर तरफ अलर्ट की घोषणा की गई है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि शरीर में टीको की प्रभावशीलता को भी कम किया जा सकता है।


डॉ. गुलेरिया के मुताबिक कोरोना वायरस के नए वेरिएंट 30 से अधिक म्यूटेशन पैदा करता है। ऐसे में इसमें इम्यूनोस्केप तंत्र विकसित करने की क्षमता है। अधिकतर वैक्सीन स्पाइक के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण करती है। ऐसे में स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में कई बदलाव देखने को मिल सकते है। ये कोविड 19 से बचाव के लिए लगाए गए टीकों के प्रभाव को कम कर सकते है।