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वर्दी पहनने के बाद खुद में कोई पावर सी महसूस होती है: अजय देवगन

वर्दी पहनने के बाद खुद में कोई पावर सी महसूस होती है: अजय देवगन

युद्ध पर फिल्म बनाना और उसमें काम करना, दोनों ही मुश्किल काम हैं। अभिनेता अजय देवगन साल 1971 में हुए भारत- पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म भुजः द प्राइड आफ इंडिया में स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक की भूमिका निभा रहे हैं। 

एक लाइव चैट के दौरान गीतकार मनोज मुंतशिर ने विजय कार्णिक और पर्दे पर उनकी भूमिका निभा रहे अजय से बात की। मनोज ने विजय कार्णिक से पूछा कि उन्होंने क्यों इस फिल्म को बनाने की इजाजत दी। 

इस पर विजय ने कहा कि फिल्म के निर्देशक अभिषेक  दुधैया मेरे पास आए और इसको लेकर अपनी रिसर्च की जानकारी दी। वह भुज के माधापुर के गांव की महिलाओं से भी मिले थे। मैं समझ गया था कि इसे वह जरूर दर्शा पाएंगे। 

एक सवाल पर अजय ने कहा कि देश में असली हीरोज ने बहुत त्याग किए हैं। दिमाग में यही था कि यह कहानी सभी लोगों को पता चले। वैसे भी यूनिफार्म में इतनी ताकत है कि उसे पहनने के बाद सोच बदल जाती है। खुद में कोई पावर सी  महसूस होती है। इस फिल्म की कहानी इस गौरव और जज्बे को दिखाएगी।