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आपका जन्म श्रवण नक्षत्र में हुआ हो तो जानते है कौन सा वृक्ष लगाना फायदेमंद होगा

आपका जन्म श्रवण नक्षत्र में हुआ हो तो जानते है कौन सा वृक्ष लगाना फायदेमंद होगा

श्रवण नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति को कौन सा पेड़,पौधा लगाना चाहिए 
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हर राशि और ग्रह का अपना वृक्ष होता है। वैसे ही हर नक्षत्र का भी अपना वृक्ष होता है। ये वृक्ष अपने नक्षत्र, राशि या ग्रहों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस वृक्षों पर नक्षत्र व ग्रहों का प्रभाव रहता है, इसलिये अगर अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार वृक्ष लगाए जाएं तो ये अत्यंत ही फलदायक साबित होता हैं। इससे आपको हर कार्य में सफलता व उन्नति मिलेगी। ज्योतिष में 12 राशियां और 27 नक्षत्र होते हैं। हर राशि में 2 या 3 नक्षत्र आते हैं। हर नक्षत्र के 4 भाग होते हैं। नक्षत्र के हर भाग को चरण कहा जाता है और हर चरण में नाम के 4 अक्षर होते हैं। 

तो आइए जानते हैं श्रवण नक्षत्र में कौन सा वृक्ष लगाना फायदेमंद होगा


श्रवण नक्षत्र में जन्म होने से व्यक्ति कृतज्ञ, सुंदर, दाता, सर्वगुण संपन्न, लक्ष्मीवान, पंडित, धनवान और विख्यात होता है। श्रवण नक्षत्र के व्यक्ति सामाजिक व्यवहार में कुशल होते हैं तथा ऐसे व्यक्ति बहुत से मित्र बनाते हैं और बहुत सी समूह गतिविधियों में हिस्सा भी लेते हैं। इस नक्षत्र का नाम माता-पिता के भक्त श्रवण कुमार के नाम पर रखा गया है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर श्रवण कुमार का प्रभाव देखा जाता है यानी व्यक्ति माता-पिता का आज्ञाकारी होता है। चन्द्रमा इस नक्षत्र का स्वामी है और ज्ञान तथा विद्या प्रदान करने वाली सरस्वती इसकी देवी हैं। श्रवण नक्षत्र का देवता भगवान विष्णु को माना गया है। संसार का भरण पोषण, प्रबंधन व्यवस्था व विभिन्न शक्तियों का संतुलन बनाए रखना ही भगवान विष्णु का कार्य है, इसलिए भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं।

श्रवण नक्षत्र मकर राशि में पड़ता है, इसलिए जिन लोगों की राशि मकर है उनका श्रवण नक्षत्र हो सकता है। श्रवण नक्षत्र के व्यक्ति के लिए भगवान विष्णु की पूजा करना शुभफलदायक होता है,इसके साथ ही गायत्री मंत्र जाप भी इनके लिए लाभकारी होती है, श्रवण नक्षत्र में चंद्रमा जब गोचर कर रहा हो तो उक्त समय पर भगवान विष्णु के दशावतार पूजन और स्मरण का विशेष महत्व होता है, श्रवण नक्षत्र में शनि के संचार करने से आमदनी में वृद्धि के योग बनेंगे। धन आगमन हो सकता है। तुला- इस दौरान आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। माता की सेहत के कारण चिंता हो सकती है। श्रवण नक्षत्र का वर्ण शूद्र, गण देव और गुण राजसिक है। श्रवण नक्षत्र में उत्पन्न व्यक्ति की जन्म राशि मकर तथा राशि स्वामी शनि, वर्ण वैश्य, वश्य पहले चरण में चतुष्पद तथा अंतिम तीन चरणों में जलचर, योनि वानर, महावैर योनि मेढ़ा, गण देव तथा नाड़ी अंत्य है।

        13.आपका जन्म स्वाति नक्षत्र में हुआ हो तो जानते है कौन सा वृक्ष लगाना फायदेमंद होगा