राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रदेश भर में विभिन्न प्रकार के कुल 10,71,959 वादों का निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रदेश भर में विभिन्न प्रकार के कुल 10,71,959 वादों का निस्तारण

न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय/कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) माननीय न्यायमूर्तियू0यू0 ललित के निर्देशानुसार व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद/कार्यपालक अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (U.P. SLSA) न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भण्डारी के कुशल निर्देशन में सम्पूर्ण प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गयी।

इस लोक अदालत को सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (U.P. SLSA) के कार्यपालक अध्यक्ष/कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भण्डारी ने 24 अगस्त, 2021 एवं 07 सितम्बर, 2021 को प्रदेश भर के जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, मोटर दुर्घटना ट्रिब्युनल, पारिवारिक न्यायालय, व्यवसायिक न्यायालय व स्थायी लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों तथा जिला मजिस्टेªटो/कलक्टरों, व पुलिस कमिश्नरो, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षकों को सम्बोधित करते हुए अधिकाधिक संख्या मेें परिवार वादों तथा शमनीय प्रकार के लघु आपराधिक वादों के निस्तारण पर बल दिया गया।  

यहॉं यह भी उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा  अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने दिनांक 08.09.2021 को प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों, पुलिस कमिश्नरों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से वार्ता की गयी और इस लोक अदालत के दौरान अधिकाधिक वादों का निस्तारण कराने का अहवान किया गया।

इस लोक अदालत की प्रमुख विशेषता यह रही कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति यू0यू0 ललित, न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय द्वारा जनपद लखनऊ, इलाहाबाद, बरेली, रायबरेली व सोनभद्र के जनपद न्यायाधीशों से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से वार्ता कर उनसे लोक अदालत के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए अधिकाधिक वादों के निस्तारण हेतु निर्देश दिए गए। अपने उद्बोधन में न्यायमूर्ति महोदय द्वारा न्यायिक अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से देश व प्रदेश के ऐसे सभी आमजन जो अर्थाभाव व विधिक जानकारी के अभाव में न्यायालय चौखट तक नहीं पहुॅच पाते हैं उनके वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाय।

इससे पूर्व विभिन्न जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सम्मानित अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश द्वारा प्रातः 10 बजे दीप प्रज्जलित कर तथा मॉ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर औपचारिक रूप से शुभारम्भ किया गया। इस लोक अदालत के दौरान विभन्न जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों/जनपद न्यायाधीशों व अन्य श्रोतो से प्राप्त सूचना के अनुसार शाम 5 बजे तक प्राप्त सूचना के अनुसार कुल 10,71,959 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें शमनीय प्रकृति के आपराधिक वाद, धारा 138 एनआई एक्ट के वाद, बैंको के बकाया वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, श्रम एवं रोजगार, वैवाहिक, भू राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। साथ ही उत्तर प्रदेश भू सम्पदा प्राधिकरण (यूपी रेरा) व उत्तर प्रदेश भू सम्पदा अपीलेट ट्रिब्यूनल वाद व राज्य उपभोक्ता प्रतितोश आयोग, सभी जिला उपभोक्ता आयोग व प्रदेश भर के राजस्व न्यायालयों में लम्बित वादों का बहुसंख्या में निस्तारण किया गया। अंतिम निस्तारण रिपोर्ट अभी प्राप्त नही हुई है।

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