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वित्त वर्ष 2022 में देश की GDP विकास दर दो अंकों की वृद्धि की ओर अग्रसर

वित्त वर्ष 2022 में देश की GDP विकास दर दो अंकों की वृद्धि की ओर अग्रसर

नई दिल्ली | भारत का सकल घरेलू उत्पाद (India's gross domestic product) चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में लगभग 18.5% बढ़ने की उम्मीद है, एसबीआई ने अपनी शोध रिपोर्ट इकोरैप में इसका उल्लेख किया है, जो आरबीआई के पहले के 21.4% अनुमान से कम है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "नाउकास्टिंग' मॉडल (Nowcasting model) के आधार पर, Q1 FY22 के लिए अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि लगभग 18.5% होगी।" 2022 की दूसरी तिमाही या Q1 FY22 में उच्च विकास मुख्य रूप से निम्न आधार के कारण है।

इसके अलावा देश की एक और बड़ी एनालिटिक्स कंपनी बार्कलेस के अनुसार इस साल महामारी संबंधी व्यवधानों के कारण सेवाओं की गतिविधि में अपेक्षा से बहुत कम गिरावट के कारण वित्त वर्ष 2022 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर दोहरे अंकों में रहने की संभावना है। 

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) 15 फीसदी रहने का अनुमान है।

"2022 की दूसरी तिमाही में उच्च वृद्धि हो या वित्त वर्ष 22 की पहली तिमाही में, ऐसा मुख्य रूप से निम्न आधार के कारण है। लगभग सभी देशों ने वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दोहरे अंकों (या दोहरे अंकों के करीब) दर्ज की है। 17 अर्थव्यवस्थाओं के लिए औसत वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि 2022 की पहली तिमाही में माइनस 0.1 प्रतिशत से बढ़कर 2022 की दूसरी तिमाही में 12.2 प्रतिशत हो गया है।"

यदि अब तक घोषित कॉर्पोरेट परिणामों को देखा जाए, तो रिपोर्ट के अनुसार, वित्तवर्ष 22 की पहली तिमाही में कॉर्पोरेट जीवीए में पर्याप्त सुधार दिखाई दे रहा है। कुल मिलाकर, 4,069 कंपनियों के कॉरपोरेट जीवीए ने वित्तवर्ष 22 की पहली तिमाही में 28.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करती दिख रही है।

हालांकि, यह वित्तवर्ष 22 की चौथी तिमाही में होने वाले विकास से कम है, इसलिए कम जीडीपी अनुमान की पुष्टि होती है, जैसा कि पहले अनुमान लगाया गया था।

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