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लॉन्च के लिए तैयार भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम-एस - मेधज न्यूज़

 लॉन्च के लिए तैयार भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम-एस - मेधज न्यूज़

Vikram-S Rocket Updates : स्काईरूट एयरोस्पेस, एक भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप, अपना पहला रॉकेट आज सुबह 11:30 बजे अंतरिक्ष में लॉन्च करने के लिए तैयार है। विक्रम-एस रॉकेट, विक्रम-श्रृंखला का पहला श्रीहरिकोटा में इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) लॉन्चपैड से लॉन्च होने वाला है। यह भारत में होने वाला पहला निजी रॉकेट प्रक्षेपण है।

विक्रम-एस एक एकल चरण वाला ईंधन रॉकेट है जो अगले साल होने वाले विक्रम-1 के प्रक्षेपण से पहले स्काईरूट एयरोस्पेस की परियोजना में अधिकांश प्रणालियों और प्रक्रियाओं का परीक्षण करने के लिए है। प्रक्षेपण आज भी एक उप-कक्षीय है, जिसका अर्थ है कि वाहन बाहरी अंतरिक्ष में पहुंच जाएगा, यह पृथ्वी के चारों ओर कक्षा में नहीं रहेगा, उड़ान का समय पांच मिनट से कम होगा। 

स्काईरूट के पिछले 4 साल 
1- सितंबर 2020 में पूरी तरह से लिक्विड नेचुरल गैस और लिक्विड ऑक्सीजन पर चलने वाले क्रायोजेनिक इंजन धवन-1 को 2 दिनों में तैयार किया।
2- अक्टूबर 2020 में दुनिया में सबसे सस्ते दाम पर स्माल सैटलाइट लॉन्च व्हीकल बनाने के लिए स्पेस लॉन्च व्हीकल कैटेगरी में नेशनल स्टार्ट-अप अवॉर्ड जीता।
3- दिसंबर 2020 में स्काईरूट भारत की सॉलिड इंजन प्रोपल्शन रॉकेट स्टेज का सफल परीक्षण करने वाली पहली प्राइवेट कंपनी बनी।
4- सितंबर 2021 में कंपनी ने ISRO ने साथ एक समझौता किया। जिसमें ISRO रॉकेट लॉन्चिंग में मदद करेगी।
5- नवंबर 2021 में कंपनी ने अपने पहले 3-D प्रिंटेड अपर स्टेज लिक्विड प्रोपल्शन इंजन की सफल टेस्टिंग की।
6- जनवरी 2022 में कंपनी को गूगल के फाउंडिंग बोर्ड मेंबर राम श्रीराम से 34 करोड़ रुपए की सीरीज बी फंडिंग मिली।

Vikram S रॉकेट के नाम दिए जाने की कहानी 

देश के पहले प्राइवेट स्पेस कंपनी का रॉकेट विक्रम-एस ISRO के श्री हरिकोटा लॉन्च पैड से उड़ान भरने को तैयार है। स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने बताया कि विक्रम-एस 3 पे-लोड के साथ पृथ्‍वी की सब-ऑर्बिटल कक्षा में छोटे सैटेलाइट्स को स्‍थापित करने के लिए भेजा जा रहा है। कंपनी ने बताया कि रॉकेट का नाम विक्रम-एस (Vikram-S) प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक और इसरो के संस्थापक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। कंपनी को विक्रम-एस से बेहद उम्‍मीदें हैं। इस पूरे मिशन को कंपनी ने 'मिशन प्रारंभ' (Mission Prarambh) नाम दिया है।