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भारतीय शेयर बाजार ने फ्रांस को पछाड़ा; विश्व में छठे स्थान पर पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार ने फ्रांस को पछाड़ा; विश्व में छठे स्थान पर पहुंचा

मुंबई | शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही साल-दर-साल क्रमशः 23% और 25% की बढ़त दर्ज की है।  जबकि विदेशी और घरेलू निवेशकों ने इस  दौरान 8 बिलियन डॉलर्स मूल्य के शेयर खरीदे हैं। इस हिसाब से अब भारतीय शेयर बाजार ने फ्रांस को भी पीछे छोड़ दिया है।  फ्रांस में 3.4023 ट्रिलियन डॉलर के मुकाबले भारत का बाजार पूंजीकरण 3.4055 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। 

वहीँ अमेरिकी शेयर बाजार 51.30 ट्रिलियन डॉलर के एम-कैप के साथ दुनिया का सबसे मूल्यवान बाजार है, इसके बाद चीन 12.42 ट्रिलियन डॉलर, जापान 7.43 ट्रिलियन डॉलर और हांगकांग 6.52 डॉलर ट्रिलियन के साथ चौथे स्थान पर है। अपनी अप्रत्याशित बढ़त के साथ ही भारत अब दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है, जिसने बाजार पूंजीकरण में पहली बार फ्रांस को पछाड़ दिया है, इस साल बेंचमार्क सेंसेक्स 23 फ़ीसदी से अधिक बढ़ा है।

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को भारत का मार्केट कैप 3.4055 ट्रिलियन डॉलर था, जो फ्रांस में 3.4023 ट्रिलियन डॉलर था। भारत ने इस साल बाजार मूल्य में सबसे बड़ा लाभ दर्ज किया है, 31 दिसंबर 2020 को $ 873.4 बिलियन से अधिक या $ 2.52 ट्रिलियन से 35% की वृद्धि हुई है। मार्च 2020 के अपने न्यूनतम स्तर के बाद से, भारत ने लगभग $ 2.08 ट्रिलियन मार्केट कैप या 159% लाभ जोड़ा है। 

“मजबूत तरलता और सकारात्मक मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतों से भी घरेलू बाजारों को रिकॉर्ड स्तर पर अपने ट्रेड्स को जारी रखने के लिए समर्थन करने की संभावना है। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है और प्रतिबंधों में ढील जारी है, इसे देखते हुए उपभोक्ता मांग पर बारीकी से नजर रखी जाएगी क्योंकि इसमें तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, कोविड महामारी की तीसरी लहर पर चिंता अभी भी मंडरा रही है िर इससे बाजार प्रभावित हो सकते हैं।'

फिलहाल अगस्त के लिए खुदरा मुद्रास्फीति का 5.3% तक कम होना बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक को आर्थिक गति में जारी सुधार का समर्थन करने के लिए अपने नरम मौद्रिक नीति रुख को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।