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केजीएमयू ने 20 लाख आरटीपीसीआर जांच कर बनाया नया रिकॉर्ड

केजीएमयू ने  20 लाख आरटीपीसीआर जांच कर बनाया नया रिकॉर्ड

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलोजी विभाग ने 20 लाख आरटीपीसीआर जांचें कर एक नया रिकार्ड बनाया है। केजीएमयू द्वारा की गयो गांचो की संख्या देश में किसी भी चिकित्सा संस्थान की तुलना में सर्वाधिक है। केजीएमयू में जांचों का यह दौर गत वर्ष 2020 के फरवरी माह से शुरू हुआ था।

चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विपिन पुरी के कुशल दिशा निर्देशन में माइक्रोबायोलोजी विभाग द्वारा कोविड को आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। जाँचों का यह आंकड़ा 20 लाख आरटीपीसीआर तक पहुँच गया है। माइक्रोबायोलोजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो.अमिता जैन के अथक प्रयासों का परिणाम है, जो जाँचों की संख्या इन आंकड़ों तक पहुंच पाई है। विभाग में कार्यरत डाक्टर्स, लैब टेक्नीशियन व डाटा आपरेटर द्वारा कोविड महामारी के दौरान भी अपनी जान जोखिम में डाल कर जांच का कार्य लगातार जारी रखा गया। माइक्रोबायोलोजी विभाग को आईसीएमआर द्वारा एडवांस माइकोलोजी अग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर स्वीकृत किया गया है। इससे सम्बंधित प्रत्येक रिसर्च कार्य प्रो. प्रशांत गुप्ता माइक्रोबायोलोजी विभाग की देख रेख में किया जायेगा।

माइक्रोबायोलोजी विभाग में बना प्रदेश का पहला माइक्रोलोजी सेण्टर

केजीएमयू प्रवक्ता डा. सुधीर सिंह ने बताया कि प्रदेश का पहला माइकोलोजी सेण्टर केजीएमयू में बनाया गया है। अभी तक देश में इस तरह के कुल 13 सेण्टर हैं। यहां फंगस की मॉलिक्यूलर और जेनेटिक टेस्टिंग की जायेगी। जिससे एंटीफंगल ड्रग्स का खून में स्तर पता कर इसकी उपयुक्त खुराक निर्धारित की जा सकेगी, और एंटीफंगल ड्रग्स का दुष्प्रभावों को कम किया जा सकेगा।