शिल्प, पर्यटन और कृषि से बढ़ेगी काशी की जीडीपी

शिल्प, पर्यटन और कृषि से बढ़ेगी काशी की जीडीपी

प्रदेश में बनारस पहला ऐसा जिला होगा, जहां हर व्यक्ति के आय का आपका निर्धारण होगा और उसी आय से जिले की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) निर्धारित होगी। लोगों को आय बढ़ाने के लिए विभिन्न व्यवसायों से जोड़ा जाएगा। इसमें सरकार मदद करेगी। वाणिज्य मंत्रालय ने देश में वाराणसी सहित 16 जिलों की अलग जीडीपी निर्धारित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें घरेलू व्यवसाय व उद्योगों से स्थानीय लोगों का जीवनस्तर सुधारा जाएगा। 

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था यूनिडो (गनाईटेड नेशनंस इंडस्ट्रियल डेपलपमेंट अगिनाइजेशन) और नीति आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक की। मंडलायुक्त ने बैठक में बनारस के लोगों की आर्थिक स्तर सुधारने के लिए आईआईएम लखनऊ की और से तैयार डिस्ट्रिक्ट प्लान का प्रजेंटेशन दिया। आईआईएम ने विभिन्न उद्योगों व व्यवसायों में संभावनाएं व भविष्य का आकलन किया है।

यूनिडो के प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट देखने के बाद बनारस में हस्तकला, पर्यटन और कृषि के विकास पर जोर दिया। उनका मानना है कि वर्तमान में इन्हीं उद्योगों से ज्यादा लोग जुड़े हैं। सुझाव दिया कि भविष्य के लिए भी इन्हीं तीन सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा विकल्प भी दवा जाये।

नीति आयोग ने सेक्टर बढ़ाने का दिया निर्देश

कमिश्नर ने बताया कि यूनिडोनेजिन तीन सेक्टर को उपयुक्त बताते हुए आगे बढ़ाने का सुझाव दिया, उस पर नीति आयोग ने ठोस कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही विभिन्न अन्य सेक्टर में रोजगार व्यवसाय बढ़ाने पर जोर दिया है। बताया कि जीडीपी में सहयोग करने के लिए जल्द ही सभी विभागों के साथ बैठक कर उनका लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें अपने-अपने सेक्टर से लोगों की आय बढ़ाने के स्रोत विकसित करने की रिपोर्ट भी तैयार करायी जाएगी।

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