संसद सत्र के ठीक पहले पेगासस रिपोर्ट का लीक होना कोई इत्तेफाक नहीं : अमित शाह

संसद सत्र के ठीक पहले पेगासस रिपोर्ट का लीक होना कोई इत्तेफाक नहीं : अमित शाह

नई दिल्ली | पेगासस सॉफ्टवेयर से कथित जासूसी के मामले पर संसद के मॉनसून सत्र (Monsoon Session of Parliament) के पहले दिन दोनों सदनों में मचे हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह (Home minister Amit Shah) ने बयान जारी कर विपक्ष पर निशाना साधा है। 

उन्होंने कहा है कि विघटनकारी और अवरोधक शक्तियां अपने षड्यंत्रों से भारत की विकास यात्रा (Growth Journey of india) को नहीं रोक पाएंगी। मानसून सत्र देश में विकास के नए मापदंड स्थापित करेगा। 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि रिपोर्ट लीक होने की क्रोनोलॉजी भी समझने की जरूरत है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, आज संसद का मॉनसून सत्र शुरू हुआ और आज के घटनाक्रम को पूरे देश ने देखा। 

देश के लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए मानसून सत्र से ठीक पहले कल देर शाम एक रिपोर्ट आती है, जिसे कुछ वर्गों द्वारा केवल एक ही उद्देश्य के साथ फैलाया जाता है कि कैसे भारत की विकास यात्रा को पटरी से उतारा जाए और अपने पुराने नैरेटिव के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को अपमानित करने के लिए जो कुछ भी करना पड़े किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस मानसून सत्र से देशवासियों की ढेरों अपेक्षाएं और उम्मीदें जुड़ी हैं। देश के किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के गरीब व वंचित वर्ग के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में सार्थक बहस और चर्चा के लिए तैयार हैं। कल सर्वदलीय बैठक और आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी प्रधानमंत्री ने सभी विपक्षी दलों के नेताओं को स्वयं आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार सदन में सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद का विस्तार किया, जिसमें देश के हर कोने से समाज के हर वर्ग विशेषकर महिलाओं, किसान, दलित और पिछड़े वर्ग से चुनकर आए सदस्यों को विशेष प्रतिनिधित्व दिया गया। लेकिन, कुछ ऐसी देश विरोधी ताकतें हैं जो महिलाओं और समाज के पिछड़े व वंचित वर्ग को दिए गए सम्मान को पचा नहीं पा रही हैं। ये वही लोग हैं जो निरंतर देश की प्रगति को बाधित करने का प्रयास करते रहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि ये लोग किसके इशारे पर भारत की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं? उन्हें बार-बार भारत को नीचा दिखाने में क्या खुशी मिलती है?

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, इस वाक्य को अक्सर लोग हल्के-फुल्के अंदाज में मेरे साथ जोड़ते रहे हैं, लेकिन आज मैं गंभीरता से कहना चाहता हूं- इस तथाकथित रिपोर्ट के लीक होने का समय और फिर संसद में ये व्यवधान..आप क्रोनोलॉजी समझिए!

उन्होंने कहा कि यह भारत के विकास में बाधा डालने वालों की भारत के विकास के अवरोधकों के लिए एक रिपोर्ट है। कुछ विघटनकारी वैश्विक संगठन हैं जो भारत की प्रगति को पसंद नहीं करते हैं। ये अवरोधक भारत के वो राजनीतिक षड्यंत्रकारी हैं जो नहीं चाहते कि भारत प्रगति कर आत्मनिर्भर बने। भारत की जनता इस क्रोनोलॉजी और रिश्ते को बहुत अच्छे से समझती है।

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