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आइये जानते है विनायक चतुर्थी कि तिथि, पूजा का समय, अनुष्ठान और महत्व के बारे मे

 आइये जानते है  विनायक चतुर्थी कि तिथि, पूजा का समय, अनुष्ठान और महत्व के बारे मे

विनायक चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है। विनायक चतुर्थी को हिंदुओं के बीच सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है और इस विनायक चतुर्थी का अपना ही महत्व है क्योंकि यह श्रावण के महीने में पड़ रही है। महीने में दो बार चतुर्थी मनाई जाती है जिसमें कृष्ण पक्ष में संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष में विनायक चतुर्थी आती है। विनायक चतुर्थी सावन के महीने में चतुर्थी तिथि यानी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाएगी। इस महीने, विनायक चतुर्थी  27 नवंबर 2022, रविवावर को मनाई जाएगी।

विनायक चतुर्थी व्रत 2022 का महत्व :

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है, वह देवता जिनकी किसी भी अन्य भगवान से पहले पूजा की जाती है और जो जीवन से सभी बाधाओं को दूर करते हैं। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। बड़ी संख्या में भक्त भगवान गणेश का सम्मान करने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए इस शुभ दिन पर उपवास करते हैं और प्रार्थना करते हैं।

विनायक चतुर्थी व्रत (व्रत) किसी के जीवन से सभी बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए मनाया जाता है, और भक्त इस दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करके एक समृद्ध और सुखी जीवन व्यतीत करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो लोग अपने जीवन में बाधाओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें इस व्रत (व्रत) का पालन करना चाहिए और भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, वस्त्र और अन्य मिठाई का भोग लगाना चाहिए।

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2022 डेट-

हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 26 नवंबर 2022 को शाम 7 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी और 27 नवंबर को शाम 4 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी. हिंदू धर्म में कोई भी उदायातिथि के आधार पर रखा जाता है और इसलिए विनायक चतुर्थी व्रत 27 नवंबर 2022, रविवार के दिन रखा जाएगा.

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2022 शुभ मुहूर्त-

मार्गशीर्ष माह की विनायक चतुर्थी के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 27 नवंबर को सुबह 11 बजकर 6 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. कहते हैं कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

विनायक चतुर्थी 2022 : गणेश गायत्री मंत्र

1. ॐ एकदन्तये विदामहे,
वक्रतुंडय धीमहि
तन्नो दंती प्रचोदयात..!!

विनायक चतुर्थी 2022: गणेश मंत्र

1. ॐ वक्रतुंड महाकाये
सूर्यकोटि समाप्रभा,
निर्विघ्नम कुरुमयदेव
सर्वकार्येषु सर्वदा..!!

यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। Medhajnews.in इसकी पुष्टि नहीं करता। इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।