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आइए जानते है की बसंत पंचमी में पीला रंग क्यों माना जाता है शुभ

 आइए जानते है की बसंत पंचमी में पीला रंग क्यों माना जाता है शुभ

भारत कई सांस्कृतिक त्योहारों का देश है जो साल भर होते हैं। उनमें से, वसंत पंचमी जीवंत त्योहारों में से एक है जो वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। इस काल में पीले रंग की प्रासंगिकता प्रमुख है।

पीले फूलों से शुरू होकर सरसों के पके पौधे, गेंदा, रात चमेली, जलकुंभी, और पीले गेंदे वसंत के मौसम में उपज का परिणाम हैं। यही कारण है कि वसंत पंचमी के दौरान पीला रंग शुभ होता है। वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। उन्हें ज्ञान, कला और संगीत की देवी के रूप में जाना जाता है। वसंत पंचमी के दौरान पीले रंग को एक शुभ रंग माना जाता है।

इसके कारण यहां दिए गए हैं-

1 -पीला रंग देवी सरस्वती का प्रिय रंग माना जाता है।

2 -जब देवी सरस्वती की मूर्ति की पूजा की जाती है। इसे पीले और सफेद रंग के फूलों से सजाया जाता है। इन रंगों को पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

3 -यहां तक ​​कि इस त्योहार को मनाने वाले लोग भी पीले रंग के कपड़े और एक्सेसरीज पहनना पसंद करते हैं।

4 -हल्का पीला रंग मानव को बुद्धिहीन बनाता है और गाढ़ा पीला मनुष्य को मनोबल प्रदान करके हर कार्य में सफलता की ओर बढ़ाता है।

5 -पीला रंग ज्ञान और बुद्धि का भव्‍य रंग है, यह सुख, शांति, अध्‍ययन, एकाग्रता और मानसिक बौद्धिक उन्‍नति का परिचायकहै।

6 -भगवान श्री विष्‍णु का वस्‍त्र भी पीला है, उनका पीत वस्‍त्र उनके असीम ज्ञान का द्योतक है।

7 -भगवान श्री गणेश की धोती भी पीली है. सभी मंगल कार्यों में पीली धोती पहनने वाले गणेश भगवान विध्‍नहर्ता है।

8 -जैसा कि त्योहार होली की शुरुआत का प्रतीक है, रंगों का त्योहार बृजभूमि में मनाया जाता है और वृंदावन के मंदिरों को पूरी तरह से गेंदे के फूलों से सजाया जाता है।

9 -राजस्थान में रहने वाले लोग बसंत पंचमी पर चमेली की माला से कस्टम फूल तैयार करते हैं।

10 -नवविवाहित जोड़े पहली वसंत पंचमी पर पीले कपड़े पहनकर मंदिरों में जाते हैं।

Note- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।