उत्तर प्रदेश सरकार से डरा शराब माफिया, शपथ पत्र देकर सुधरने की बात कर रहे

उत्तर प्रदेश सरकार से डरा शराब माफिया, शपथ पत्र देकर सुधरने की बात कर रहे

उत्तर प्रदेश सरकार की सख्ती की वजह से शराब माफिया अब खुद शपथ पत्र देकर सुधरने की बात कह रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश स्तर पर पहली बार 586 मादक पदार्थ और शराब माफियाओं को चिह्नित कर 3421 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। साथ ही 534 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।  

सहारनपुर के कुख्यात तस्कर मोनू उर्फ जहाज ने सपरिवार अवैध शराब संबंधी कार्य न करने का शपथपत्र दिया है। मोनू जहाज सहारनपुर के करीब 100 गांवों में हरियाणा की करीब 125 पेटी रोज सप्लाई करता था। मोनू पर 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के साथ जानलेवा हमला जैसी गंभीर धाराओं और एनडीपीएस एक्ट में भी मुकदमा है। मुकदमे में मोनू की पत्नी भी आरोपी थी। मोनू की संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है। 

संजय आर. भुसरेड्डी ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा 10 मार्च, 2019 को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धाराओं के साथ साथ एन. डी. पी. सी. एक्ट में जेल भेजा गया था, जिसमे लगभग 09 महीने वह जेल में रहा था। जेल से छूटकर आने के बाद काफी समय तक उत्तराखण्ड में रहा, उसके बाद मोनू उर्फ जहाज ने अवैध शराब का काम शुरू किया था। आबकारी विभाग द्वारा पुनः 12 फरवरी, 2021 को उसे पकड़कर अभियोग पंजीकृत कराकर जेल भेजा गया था। अवैध शराब के कार्य में मोनू जहाज की पत्नी भी संलिप्त थी। मोनू जहाज के संपत्ति की जब्तीकरण की कार्यवाई भी कराई जा चुकी थी।

प्रदेश में शराब माफिया का सिंडिकेट तोड़ने के लिए यूपी पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त अभियान चला रहा है। पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई माह तक 162 शराब माफिया पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई और 196 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। इसके अलावा दो शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं और 154 आरोपियों को जेल भेजा गया है। साथ ही 367 शराब माफियाओं पर गैंगस्टर लगाया गया है। कुल 11 शराब माफियाओं की कुर्की और 101 शराब माफियाओं की 113 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है।

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