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पश्चिम बंगाल में स्वतंत्रता दिवस तक जारी रहेगा लॉकडाउन

कोलकाता | पश्चिम बंगाल सरकार ने आंशिक लॉकडाउन की शर्तों को 15 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि इसमें कुछ ढील दी गई है, लेकिन मौजूदा स्थिति में लोकल ट्रेनों को अनुमति नहीं दी गई है। ममता बनर्जी सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, सभी सरकारी कार्यक्रमों को इनडोर 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ जारी रखने की अनुमति दी गई है, जबकि रात नौ बजे से सुबह पांच बजे के बीच लोगों और वाहनों की आवाजाही पर राज्यव्यापी रोक जारी रहेगी।


राज्य की ओर से जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं, कानून और व्यवस्था, कृषि उत्पादों और अन्य आपातकालीन सेवाओं सहित आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर, इन घंटों के बीच लोगों और वाहनों की आवाजाही सहित बाहरी गतिविधियों को सख्ती से प्रतिबंधित किया जाएगा।


हालांकि कार्यालय आधी क्षमता (50 प्रतिशत कार्यबल) पर काम करेंगे, लेकिन आदेश में जोर दिया गया कि वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।


राज्य में मौजूदा महामारी की स्थिति की समीक्षा के बाद नए कोविड उपाय जारी किए गए हैं।


राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हालांकि दैनिक संक्रमण 1,000 से कम दर्ज किए जा रहे हैं और संक्रमण की दर भी एक प्रतिशत से कम है, मगर फिर भी राज्य कोई जोखिम लेने को तैयार नहीं है। हमें पहले टीकाकरण की प्रक्रिया को पूरा करने की आवश्यकता है और इसके बाद ही हमें पूरी तरह से प्रतिबंध हटाने को लेकर विश्वास मिलेगा।


वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, एक बार अगर इसे पूजा के मौसम से ठीक पहले हटा लिया जाता है तो इससे बड़ा संक्रमण हो सकता है और फिर हम स्थिति को संभालने की स्थिति में नहीं होंगे।


बंगाल सरकार ने सभी जिला प्रशासनों, पुलिस आयुक्तों और स्थानीय अधिकारियों से उक्त निदेशरें का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। सरकारी आदेश में चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंध के उपायों का कोई भी उल्लंघन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत कार्यवाही के लिए उत्तरदायी होगा।


हाल ही में विभिन्न आयुक्तों और पुलिस जिलों के पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में डीजी ने पुलिस से रात 9 बजे से सुबह 5 बजे के बीच सख्ती से आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने को कहा है।


इस संबंध में बात करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, इस दौरान उचित और वैध कारण के बिना किसी भी मूवमेंट की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस को सख्ती के साथ लोगों को बाहर आने से रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर उन्हें दंडित करने को भी कहा गया है।