पैरा खिलाड़ियों को मोदी ने बताया देश का एंबेसडर, मुलाकात कर किया उत्साहवर्धन

पैरा खिलाड़ियों को मोदी ने बताया देश का एंबेसडर, मुलाकात कर किया उत्साहवर्धन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते सप्ताह पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन कर टोक्यो से वापस लौटे खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस मुलाकात को ट्विटर पर लाइव किया गया।


टोक्यो में हुए पैरालंपिक खेलों में ऐतिहासिक और शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते सप्ताह मुलाकात की थी। इस मुलाकात को ट्विटर पर लाइव किया गया। 


इस प्रोग्राम के दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। मोदी ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भारत का एंबेसडर बताया। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाड़ियों को देखकर दुनिया भारत को देखती है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें जीतना भी है और हार को हराना भी है।


उन्होंने कई खिलाड़ियों के साथ उनके मन की बातें साझा की। साथ ही इस बातचीत के जरिए दिव्यांगों के प्रति लोगों की सोच और उनका नजरिया बदलने की कोशिश की है।


पीएम से बात करते हुए खिलाड़ियों ने कहा कि वो खुद को सम्मानित महसूस कर रहे है।। हॉकी, बैडमिंटन समेत हर खेल के खिलाड़ियों से बातचीत की और कोच व खिलाड़ियों से उनके विचार जानें। 


खिलाड़ियों को किया प्रेरित


इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिन खिलाड़ियों को मेडल नहीं मिले है उन्हें दुखी होने की आवश्यकता नहीं है। इस बार मेडल की बात दिमाग से निकाल कर आगे की तैयारी में जुटना महत्वपूर्ण है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आप वहां तक पहुंचे ये बड़ी उपलब्धि है।


उन्होंने कहा कि आपकी मेहनत से परिवार और समाज में बदलाव की नई लहर आएगी। लोगों का अब दिव्यांगों के प्रति नजरिया बदलेगा। जिन दिव्यांग बच्चों की खेलों में रुचि होगी उनको खेल के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।


कोच के लिए कही ये बात


दिव्यांग खिलाड़ियों के कोच को लेकर पीएम ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देना सिर्फ को शारीरिक क्षमता से जुड़ा विषय नहीं है। ये सिर्फ खेल की तकनीक तक सीमित न होकर मन की रचना से जुड़ा होता है।


ये जरूरी है कि दिव्यांग के कोच की एक्सपीरियंस अधिक लाभदायक सिद्ध हो सकते है। इसके जरिए कई समस्याओं को सुलझाया जा सकता है। इससे कई अभिभावकों की परेशानियां भी दूर हो सकती है।

0Comments