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केरल: दोबारा स्कूल खोलने पर अभी आश्वस्त नहीं हैं अभिभावक

केरल: दोबारा स्कूल खोलने पर अभी आश्वस्त नहीं हैं अभिभावक

तिरुवनंतपुरम | केरल में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार अब भी पूरे देश में सबसे ज्यादा है। देश के कुल दैनिक कोरोना मामलों में से आधे करेला से ही हैं। ऐसी अनिश्चित स्थिति में केरल सरकार ने घोषणा की है कि वह 1 नवंबर से कक्षा एक से सातवीं और दसवीं से बारहवीं कक्षा के लिए स्कूलों को फिर से खोलेगी और आठवीं और नौवीं के लिए कक्षाएं 15 नवंबर से फिर से खोली जाएंगी। 

सरकार के इस फैसले से हालांकि, माता-पिता और शिक्षक असमंजस में हैं। जहाँ कई माता-पिता ने निर्णय का स्वागत किया है क्यूंकि उन्हें लगता है कि स्कूल फिर से खुलने के बाद छात्रों का सौहार्द और सामाजिक जीवन वापस आ जाएगा। वहीँ अभिवावकों की एक बड़ी संख्या इस फैसले से नाखुश भी है,  क्यूंकि राज्य में कोरोना अभी भी घातक स्टार पर है और शिक्षकों की संदेह है कि क्या छात्र कोविड -19 प्रोटोकॉल का पालन कर सकेंगे , जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना शामिल हैं।

देश में कोरोना महामारी अभी भी वैज्ञानिक समुदाय और डॉक्टरों के लिए एक चुनौती बनी हुई है।  यह स्पष्ट नहीं है कि तीसरी लहर आ रही है या नहीं। ऐसे में स्कूल खोलने की जल्दबाज़ी करना कितना सही होगा ये तो वक्त ही बताएगा। हालाँकि राज्य सरकार छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं भी जारी रखने की अनुमति देगी, लेकिन स्कूल के फिर से खुलने और स्कूलों में किए जाने वाले तौर-तरीकों पर बारीक बिंदुओं को शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा के उच्च अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री शामिल होंगे।

इसकी तिथि सोमवार को तय की जाएगी। कई स्कूल प्रबंधन ने राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। केरल के सीबीएसई स्कूल प्रबंधन की अध्यक्ष इंदिरा राजन ने कहा कि हम राज्य सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं और हमारे पास बच्चों के स्वागत के लिए स्कूलों की सफाई और रखरखाव की तैयारी के लिए डेढ़ महीने का समय है। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा निर्णय है। और बच्चों को कक्षाओं में पहुंचने और शारीरिक रूप से इसमें भाग लेने में काफी खुशी होगी।

चिकित्सा जगत भी सरकार के इस फैसले का समर्थन कर रहा है।

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