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देश में ऑक्सीजन उपलब्धता और वृद्धि की प्रधानमंत्री ने की समीक्षा

नई दिल्ली |  कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश को सिर्फ कोविड संक्रमण से ही नहीं बल्कि ऑक्सीजन संकट से भी जूझना पड़ा था। लोगों को ऑक्सीजन के अभाव में जान गवानि पड़ी थी। ख़ास ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों से देश के कोने कोने में ऑक्सीजन पहुंचाई गई थी। सम्पूर्ण विश्व से ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर और सयंत्र भारत को भेजे गए थे। ऐसे में देश में ऑक्सीजन संकट को समाप्त करने के लिए हज़ारों ऑक्सीजन उत्पादन सयंत्र लगाए गए हैं और ऑक्सीजन के  भंडारण की क्षमता को भी कई गुना बढ़ाया गया है। 

देश में कोरोना की तीसरी लहर की ख़बरों के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में ऑक्सीजन उत्पादन में बढ़ोतरी और उपलब्धता में हुई प्रगति की स्थिति की समीक्षा की।

अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को देश में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। देश भर में 1500 से अधिक पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की जा रही हैं, जिनमें पीएम केयर्स के योगदान से स्थापित संयंत्रों के साथ-साथ विभिन्न मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा स्थापित संयंत्र भी शामिल हैं।

पीएम केयर्स के योगदान से स्थापित पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र देश के सभी राज्यों और जिलों में स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, कैबिनेट सचिव, स्वास्थ्य सचिव, एमओएचयूए सचिव और अन्य प्रमुख अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को यह जानकारी दी गई कि पीएम केयर्स द्वारा स्थापित होने वाले सभी पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र एक बार चालू हो जाएंगे तो 4 लाख से अधिक ऑक्सीजन युक्त बिस्तर स्थापित किए जा सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन संयंत्रों को जल्द से जल्द चालू किया जाए और इसके लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाए। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि वे ऑक्सीजन संयंत्रों को जल्द से जल्द चालू कराने के संबंध में राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऑक्सीजन संयंत्रों के संचालन और रखरखाव के बारे में अस्पताल के कर्मचारियों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध हों। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया एक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है और हमारा लक्ष्य देश में लगभग 8000 व्यक्तियों को प्रशिक्षण देने का है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हमें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर इन ऑक्सीजन संयंत्रों के कार्य प्रदर्शन और कार्यप्रणाली का पता लगाने के लिए आईओटी जैसी उन्नत प्रौद्योगिकी को स्थापित करना चाहिए।