उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन का होगा पुनरुद्धार

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन का होगा पुनरुद्धार

लखनऊ | उत्तर प्रदेश अब नियोजित विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।  शहरों के नवीनीकरण के साथ साथ परिवहन व्यवस्था की भी विकास किया जा रहा है। योगी सरकार बढ़ते प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण के सुधार के लिए 14 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने जा रही है। 

प्रदेशवासियों को आरामदायक व सस्ती यात्रा की सुविधा दिए जाने के लिए इन बसों का किराया साधारण बसों के बराबर रखा गया है। इसकी घोषणा नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने मंगलवार को राजधानी में की। 1090 चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि सरकार नगरीय परिवहन सेवाओं को आधुनिक बनाने के साथ ही यात्रियों को सुविधाजनक सफर मुहैया कराने के प्रयास तेजी से कर रही है। 

सरकार की योजना लखनऊ समेत प्रदेश के 14 अन्य प्रमुख शहरों में 700 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की है। इसके लिए नगरीय परिवहन निदेशालय के अधिकारियों की ओर से काम को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। लखनऊ में इन बसों का एक माह के लिये ट्रॉयल शुरू कर दिया गया।

नगर विकास निदेशालय के संयुक्त सचिव अजीत सिंह ने बताया कि मंडलायुक्त की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।

अन्य प्रदेशों की तुलना में इनती बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाले यूपी पहला राज्य होगा। प्रदेश सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक बसों की संचालन की योजना में 965 करोड़ की लागत आई है। ये बसें वातानुकूलित, आरामदायक व ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से मुक्त होंगी।

लखनऊ, कानपुर, आगरा में 100-100, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन में 50-50, शाहजहांपुर, झांसी, मुरादाबाद, गोरखपुर, अलीगढ़ एवं बरेली में 25-25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें पैनिक बटन होंगे, बसें एयर कंडीशनर से युक्त, प्रदूषण शून्य होंगी, ध्वनि प्रदूषण से राहत मिलेगी, अत्याधुनिक तकनीक से चलेंगी, यात्रा सुविधाजनक हो जाएगी, लाइव ट्रैकिंग की जा सकेगी, एलईडी स्क्रीन लगा होगा, सीसीटीवी कैमरा से बस व यात्रियों की निगरानी हो सकेगी।

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