मुंबई में भारी बारिश से 9 और लोगों की गई जान, अब तक कुल 42 मौतें

मुंबई में भारी बारिश से 9 और लोगों की गई जान, अब तक कुल 42 मौतें

मुंबई | मुंबई में मानसून (Mumbai Rains) अपना कहर बरसा रहा है। मुंबई में लगातार तीसरे दिन भी भारी बारिश जारी रहने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों सहित सोमवार को कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है। पिछले दो दिनों में मरने वालों की संख्या 42 (death toll rises to 42 due to heavy rains in mumbai) तक पहुंच चुकी है। रविवार को भारी बारिश की वजह से 33 लोगों की जान चली गई थी।

महाराष्ट्र (Maharashtra) में ठाणे के एक उपनगर में सोमवार को एक पहाड़ी के एक हिस्से के ढहने और इसके घरों पर गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दुर्घटना में तीन अन्य को बचा लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

महाराष्ट्र में लगातार बारिश वहां के लोगों पर आफत बनकर टूट रही है। कलवा उपनगर में यह घटना सोमवार दोपहर को तब हुई, जब मुंबई और ठाणे में भारी बारिश जारी थी। पारसिक हिल्स इलाके में घोलईनगर पहाड़ी से ढीली चट्टानें और मिट्टी अचानक नीचे आने लगी और नीचे की झोपड़ियों पर गिरने लगी।

स्थानीय लोगों ने तीन लोगों को बचाने में कामयाबी हासिल की, एसडीआरएम, ठाणे डीआरएफ, फायर ब्रिगेड और अन्य की टीमों ने बाद में एक मकान में रहने वाले एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शवों को बरामद किया।

आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड, नागरिक और जिला अधिकारी और अन्य राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए घटनास्थल पर पहुंचे और आसपास की झोपड़ियों के 150 अन्य परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

पीड़ितों और स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद अव्हाड ने चेतावनी दी कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में अवैध निर्माण गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घायल हुए दो अन्य लोगों को कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत स्थिर है। अन्य सात लोगों के अभी भी गीली मिट्टी के टीले के नीचे फंसे होने की आशंका है और उनकी तलाश जारी है।

अन्य हताहतों में एक 9 वर्षीय लड़का मीरा रोड में एक खुले नाले में गिर गया। ठाणे में अलग-अलग घटनाओं में दो लोग डूब गए, जबकि एक युवक पालघर में एक स्थानीय नदी में बाढ़ के पानी में बह गया।

बेलापुर कस्बे में बाढ़ के पानी में फंसी उनकी कार एक झील में चली गई मगर उसमें सवाल तीन व्यक्ति चमत्कारिक रूप से बच गए। बचाव दल ने उन्हें बचा लिया और कार को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया।

शहरी इलाकों के कई इलाके जलमग्न हो गए और तटीय कोंकण क्षेत्र के गांवों में लगातार बारिश से विभिन्न इलाकों में बाढ़ आ गई है।

माथेरान हिल स्टेशन के रास्ते में नेरल के पास एक पहाड़ी में मामूली भूस्खलन हुआ है, वहीं रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में स्थानीय नदियां के खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मुंबई-गोवा राजमार्ग यातायात लगभग ठप हो गया है।

लगातार हो रही बारिश (continuous heavy rains) के कारण कई निचले गांवों और कस्बों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। व्यस्त मुंबई-गोवा राजमार्ग पर तटीय क्षेत्र में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

कोंकण रेलवे (Konkan Railway) ने गोवा में करमाला-थिविम स्टेशनों के बीच सुरंग में पानी और कीचड़ भरने के कारण कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट टर्मिनेट किया है, जिससे दोनों तरफ परिचालन प्रभावित हुआ।

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