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राष्ट्रपति पद पर पहुंचना मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, यह हर गरीब की उपलब्धि है - द्रौपती मुर्म

राष्ट्रपति पद पर पहुंचना मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, यह हर गरीब की उपलब्धि है - द्रौपती मुर्म

सोमवार को देश की 15 वीं राष्ट्रपति, द्रौपती मुर्म जी ने शपथ ग्रहण करके भारत की सबसे युवा राष्ट्रपति होने का भी ख़िताब अपने नाम किया है। इसके साथ ही मुर्म भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति है ।

राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के साथ ही, देश की नयी राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "राष्ट्रपति पद पर पहुंचना मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, यह भारत के हर गरीब की उपलब्धि है, मेरा चुनाव इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब न केवल सपने देख सकते हैं बल्कि उन सपनों को पूरा भी कर सकते हैं।" शपथ ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आशा और करुणा का संदेश दिया। इसके अलावा उन्होंने कहा "जब भारत आजादी के 75 साल पूरे कर रहा है, तो उन्हें कार्यभार संभालने के लिए सम्मानित किया गया है।" राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही महामहिम द्रौपदी मुर्मू भारत की 15 वीं राष्ट्रपति  बन चुकी है, इसके साथ ही वह स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति है।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने द्रौपदी मुर्म जी को शुभकामनाएं देते हुए कहा "भारत के लिए विशेष रूप से गरीबों, हाशिए पर और दलितों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।" भारत के मुख्य न्यायाधीश ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, एस जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य की उपस्थिति में मुर्मू को शपथ दिलाई।

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को बहुत बहुत बधाई। मुझे विश्वास है कि आपका कार्यकाल देश के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जायेगा। आज का यह ऐतिहासिक दिन लोकतांत्रिक मूल्यों पर चल हर वर्ग के सशक्तिकरण और अंत्योदय का एक अप्रतिम उदाहरण है।"