खरगोन में आदिवासी की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री हुए सख्त, एसपी को हटाया

खरगोन में आदिवासी की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री हुए सख्त, एसपी को हटाया

भोपाल| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को खरगोन जिले में आदिवासी युवक की जेल में हुई मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान को हटा दिया है। युवक पर चोरी करने का आरोप था।


ज्ञात हो कि पिछले दिनों बिस्टान थाना क्षेत्र में चोरी के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसमें से एक बिसन की जेल में मौत हुई थी। इसके बाद भीड़ ने बिस्टान थाने पर हमला बोला था। इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच जमकर झड़प भी हुई थी। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी को ज्ञापन देकर दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग की थी। वहीं कांग्रेस ने एक जांच समिति भी बनाई थी।


मुख्यमंत्री चौहान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान को हटाने का ऐलान करते हुए कहा, "पिछले दिनों खरगोन जिले के बिस्टान में हुई घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई थी। हमने पहले ही पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है। लैक ऑफ सुपरविजन के कारण हमने खरगोन पुलिस अधीक्षक को भी हटाने का निर्णय लिया है। घटना की न्यायिक जांच हो रही है। तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।"


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के महासचिव के के मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक पर कार्रवाई की वजह कांग्रेस की जांच समिति की रिपोर्ट को बताते हुए पुलिस वालों पर गैर इरादतन हत्या का मामला करने की मांग करते हुए कहा, "बिस्टान में पुलिस अभिरक्षा में हुई आदिवासी की मौत के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर गठित कांग्रेस की समिति द्वारा सार्वजनिक की गई रिपोर्ट के बाद खरगोन एसपी नपे। यह निर्णय अपर्याप्त है, गैर इरादतन हत्या का भी प्रकरण दोषियों के खिलाफ दर्ज हो।"

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