सिन्धी अकादमी द्वारा सिन्धी सरल शिक्षण कक्षायें चलायी जायेंगी

सिन्धी अकादमी द्वारा सिन्धी सरल शिक्षण कक्षायें चलायी जायेंगी

उत्तर प्रदेश सिन्धी अकादमी द्वारा प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्ग जरूरतमंद सिंधी साहित्यकारों को अनावर्तक आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने और सिन्धी भाषा के प्रोत्साहन हेतु सिन्धी सरल शिक्षण कक्षायें चलाई जायेंगी। प्रशिक्षण की अवधि 03 माह की होगी तथा प्रशिक्षुओं की न्यूनतम संख्या 20 होगी। इसके अतिरिक्त सिन्धी भाषा के अधिकाधिक प्रचार-प्रसार के लिए सिन्धी अकादमी कार्यालय भवन हेतु शासन से उत्तर प्रदेश सिन्धी अकादमी के नाम 5 एकड़ भूमि आवंटित कराये जाने का निर्णय लिया गया है।

यह निर्णय उत्तर प्रदेश सिन्धी अकादमी के उपाध्यक्ष नानक चन्द लखमानी की अध्यक्षता में आहूत साधारण सभा की बैठक में गत दिवस 09 सितम्बर, बृहस्पतिवार को लिए गए। बैठक में विशेष सचिव, भाषा विभाग एवं निदेशक, उ0प्र0 सिंधी अकादमी कल्लू प्रसाद द्विवेदी भी उपस्थित थे। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु उत्तर प्रदेश सिन्धी अकादमी की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालनार्थ शासन से अनुमानित बजट धनराशि रू0 412.05 लाख हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक में अकादमी द्वारा गणतन्त्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी, 2022 को परेड में झाँकी निकाले जाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर पूर्व अकादमी द्वारा विगत वर्षों में किये गये कार्यक्रमों एवं योजनाओं की एक बुकलेट का विमोचन किया गया।


सिन्धी अकादमी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रस्तावित सिन्धी अकादमी कार्यालय भवन भवन में पुस्तकालय, सिन्धी आई0ए0एस0 सेन्टर, ऑडिटोरियम आदि बनाये जायेंगे, जिससे सिन्धी भाषा का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार हो सके। जरूरतमंद बुजुर्ग सिंधी साहित्यकारों को आर्थिक सहायता योजना के अन्तर्गत प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर सिंधी साहित्यकारों को, जिन्होेंने दीर्घकालीन सिंधी साहित्यिक सेवा की है और समस्त श्रोतों से मिलाकर कुल आय 05.00 लाख रूपये प्रतिवर्ष से अधिक न हो, 60 वर्ष की आय पूर्ण कर ली हो, उनको धनराशि रू0 21000 के अनावर्तक आर्थिक सहयोग प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा।

बैठक में पदेन सदस्यों में राकेश कुमार श्रीवास्तव, उपसचिव (प्रतिनिधि प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा), अमिता दुबे (प्रतिनिधि निदेशक, उ0प्र0 हिन्दी संस्थान), अर्चना दीक्षित, शोध अधिकारी (प्रतिनिधि कार्यकारी अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान) तथा नामित सदस्यों में नरेश कुमार बजाज, गोरखपुर, विजय कुमार पुर्सवानी, प्रयागराज, लालू गंगवानी, कानपुर, हेमन्त भोजवानी, आगरा, लीलाराम सचदेवा, वाराणसी द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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