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गंगा में छोड़ा गया 72 हजार क्यूसेक पानी, जलस्तर चेतावनी बिंदु को कर सकता है पार

गंगा में छोड़ा गया 72 हजार क्यूसेक पानी, जलस्तर चेतावनी बिंदु को कर सकता है पार

वर्षा के बाद गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। नरौरा बांध से भी गंगा में 72,172 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया, जिससे गंगा में जलस्तर बढ़ने लगा है। महादेवी घाट पर भी बुधवार को गंगा का जलस्तर 0.10 मीटर बढ़कर 123.600 मीटर पर पहुंच गया। बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है और महादेवी घाट पर राजस्व कर्मचारियों की टीम निगरानी कर रही है। हंदी घाट में गंगा का जलस्तर डेढ़ मीटर बढ़ा है।


अब गंगा नदी चेतावनी बिंदु से 92 सेमी दूर है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे की रिपोर्ट में 17 सेमी जलस्तर बढ़कर 124.030 मीटर पहुंच गया। उसके बाद दोपहर दो बजे जारी हुई जलस्तर की रिपोर्ट में दो सेमी की और बढ़ोत्तरी हुई। इससे 124.050 सेमी जलस्तर बढ़ गया। नरौरा बांध से 53,049 क्यूसेक पानी गंगाजी में छोड़ा गया है। जिसके चलते जलस्तर बढ़ने से अब गंगा और काली नदी का संगम मेहंदीघाट पर हो गया है। दूसरी ओर लोगों की सावधानी के लिए लगाई गईं बल्लियां भी पानी में धीरे-धीरे डूबने लगीं हैं। शवदाह करने वाले लोगों को भी सुरक्षित जगह तलाश करनी पड़ रही है। बताया गया कि प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई है, जिससे गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।


ऐसी स्थिति में नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़ जा रहा है। बांध को कोई नुकसान न हो, इस कारण गंगा में पानी छोड़ा गया। लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बाढ़ की निगरानी के लिए चौकियों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया है।


सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि बाढ़ की निगरानी के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों को लगाया गया है। यदि जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा तो तटवर्ती गांवों को खाली कराकर वाशिंदों को बाढ़ राहत शिविरों में भेजा जाएगा।