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एमपी का बुरहानपुर बना 'हर घर जल' प्रमाणित करने वाला पहला जिला

एमपी का बुरहानपुर बना 'हर घर जल' प्रमाणित करने वाला पहला जिला

मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला, जिसे 'दखिन का दरवाजा' कहा जाता है, देश का पहला प्रमाणित 'हर घर जल' जिला बन गया है। देश का एकमात्र जिला, बुरहानपुर के 254 गांवों में से प्रत्येक के लोगों ने ग्राम सभाओं द्वारा पारित एक प्रस्ताव के माध्यम से अपने गांवों को 'हर घर जल' घोषित किया है। तदनुसार, यह प्रमाणित होता है कि गांवों के सभी लोगों को नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध है और यह सुनिश्चित होता है कि 'कोई भी घर छूटा नहीं है'।

ट्वीट कर के केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रोत्साहना की और और यह खबर देश भर के निवासियों के साथ साझा की कि मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला का पहला 'हर घर जल' (हर घर में पानी का कनेक्शन) प्रमाणित जिला बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुरहानपुर जिला निवासियों को इसकी बधाई दी है।

यह प्रमाण पत्र बुरहानपुर जिले को ही क्यों दिया जाता है?

जब 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन शुरू किया गया था, बुरहानपुर के कुल 1,01,905 घरों में से केवल 37,241 ग्रामीण परिवारों (36.54%) के पास नल कनेक्शन के माध्यम से पीने का पानी था। अब, 34 महीनों की अवधि के भीतर, सभी 1,01,905 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से पीने का पानी उपलब्ध हो गया है। इसके अलावा, सभी 640 स्कूलों, 547 आंगनवाड़ी केंद्रों और 440 अन्य सार्वजनिक संस्थानों में नल कनेक्शन हैं।

प्रमाणपत्र क्या दर्शाता है?

प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करता है कि प्रत्येक घर को निर्धारित गुणवत्ता के पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा, यह गांव में वितरण पाइपलाइन से कोई रिसाव नहीं होने का भी संकेत है, और पानी की आपूर्ति के काम के पूरा होने पर पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सभी सड़कों को बहाल कर दिया गया था।