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नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर एक और ठगी का मामला सामने आया

नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर एक और ठगी का मामला सामने आया

आये दिन नौकरी दिलाने के नाम पर लोगो से ठगी की जाती है हाल ही में नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गयी बस्ती के वाल्टरगंज के रहने वाले चंद्रभान ने पांच लोगो के खिलाफ वाल्टरगंज थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी है जिसमे से दो आरोपी लखनऊ के बताये गए है ये मामला पांच लाख की ठगी का है जिसकी रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आगे की कारवाही शुरू कर दी है जिसके लिए पुलिस ने लखनऊ के नगर निगम से सम्पर्क किया और जानकारी मांगी। चंद्रभान को जो वार्ड परिक्षेत्र लिपिक पद पर नियुक्ति का जो पहचान पत्र मिला था वो भी पुलिस ने नगर निगम लखनऊ को भेज दिया है। 

इससे पहले पिछले महीने भी एक व्यक्ति के साथ ठगी का मामला सामने आया था इसमें गृहकर जीआईसी सर्वे करने वाली कम्पनी के नील कर्मचारियों पर ठगी करने आरोप लगा था परन्तु उस मामले को दबा दिया गया था। बस्ती के चंद्रभान ने एफआईआर में बताया की उसका बेटा बेरोजगार है उनके बेटे की नौकरी के लिए २१ नवम्बर को बस्ती के विजय कुमार और मनोज कुमार से हुई। इन दोनों ने अपनी शासन में अच्छी पकड़ होने का झांसा देकर नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाग रुपये ऐंठ लिए।  जब काफी दिनों के बाद उनके बेटे की नौकरी नहीं लगी तब उन्होंने छानबीन करना शुरू करा तब उन्हें पता चला की इन दोनों ने इसी तरह नौकरी का लालच देकर कई अन्य लोगो को भी ठगा है।

ट्रेंनिंग के बाद दिया पहचान पत्र

चंद्रभान की एफआईआर के बाद वाल्टरगंज थाने से नगर निगम को एक पत्र भेजा गया है जिसमे ठगी में शामिल विजय कुमार , मनोज कुमार , देवरिया के थाना क्षेत्र रामपुर कारखाना स्थित बरपार के गौरव मणि त्रिपाठी, इंदिरानगर थानाक्षेत्र की श्याम विहार कॉलोनी के शशांक श्रीवास्तव, चिल्लावां के फर्रुखाबाद निवासी अमित के बारे में जानकारी मांगी गयी है।  इन आरोपियों ने ४५ दिन की फर्जी ट्रेनिंग देकर नगर निगम में वार्ड परिक्षेत्र लिपिक सहायक पर फर्जी नियुक्ति कराके जाली पहचान पत्र दिया था और पैसे ऐंठ लिए।  इनपर सभी पर आरोप है कि ये शातिर गिरोह बनाकर बेरोजगारों को ठग रहे है ऐसे कई पीड़ितों की शिकायत थाने में आयी है ये गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से छः लाख तो किसी से आठ लाख रुपये ठगे है।