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उत्तर प्रदेश के मुख्य मार्गो से हटाए जायेंगे ई-रिक्शा, बदल गए ये नियम

उत्तर प्रदेश के मुख्य मार्गो से हटाए जायेंगे ई-रिक्शा, बदल गए ये नियम

आज कल भारत में ई-रिक्शा की भरमार हो गयी हैं, जिस कारण ये कई  हादसो की वजह भी बन रहे हैं।  आये दिन हज़ारो एक्सिंडेंट और जाम इनके कारण लग रहा हैं इस चीज़ को नजर में रखते हुए उत्तर प्रदेश में ई-रिक्शा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया हैं। 

कहा जा रह हैं की उत्तर प्रदेश के कई मुख्य मार्गों से ई-रिक्शा हटाए जाएंगे। इसके लिए प्रमुख सचिव परिवहन आयुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर उन्हें जल्द से जल्द ये कार्य करने के निर्देश दिए हैं। 

क्यों किया जा रहा हैं 

आपको बता दे ई-रिक्शा के लिए वैसे परमिट की जरुरत नहीं थी इनके चलने के लिए कुछ नियमन बने थे  नियमो के अनुसार  ई-रिक्शा का काम लोगो को लोकल एरिया या कालोनियों में बसे लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचाना था। न की इसे खुद मुख्य मार्ग  पर चलना इसके लिए कम से कम पांच रुपये किराया भी तय किया गया था किन्तु इस समय ये सारे नियमो की विरुद्ध इसका उपयोग किया जा रह हैं। 

हटाने से पहले की जाएँगी वयवस्था 

ई-रिक्शा को मुख्य मार्गों से हटाने के बाद ई-रिक्शा चालकों की रोजी रोटी में असर न पड़े इसके लिए पहले से ही इनके लिए फीडर रूट तय किए जाएंगे, निर्देश के अनुसार कुछ समय बाद से  ई-रिक्शा लिंक मार्गों से सवारियों को लेकर मुख्य मार्ग तक आएंगे लेकिन उस पर वो  ई-रिक्शा नहीं चला सकेंगे इसी बीच सरकार ने जिला सड़क सुरक्षा समितियों को एक सर्वे कराकर फीडर रूट तय करने के निर्देश दिए गए हैं। 

कितने समय बाद होगा लागू 

इस नियम के लिए जिला सड़क सुरक्षा समितियों की हर महीने होने वाली बैठक में चर्चा करेंगे । इसी बीच ई-रिक्शा हटाने तथा फीडर रूट तय करने के लिए अभी कम से कम तीन महीने का वक्त दिया गया है। मुख्य मार्गों को जोड़ने वाली सड़को को फीडर रूट नाम दिया गया है। आपके घर के पास या आपकी माहौल की गालिया भी शुमार होंगी इन रूट पर लोड फैक्टर को तय करते हुए ई-रिक्शा की संख्याओ को तय किया जायेगा 
msn