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बिहार विधान परिषद: चुनाव से पूर्व महागठबंधन को लेकर अटलकें तेज

बिहार विधान परिषद: चुनाव से पूर्व महागठबंधन को लेकर अटलकें तेज

पटना| बिहार में कुछ ही समय में विधान परिषद के चुनाव होने है। राज्य में स्थानीय निकाय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित होने वाले विधान परिषद की 24 सीटों को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच, विपक्षी दल के महागठबंधन को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस में पेंच फंसता नजर आ रहा है।


कांग्रेस जहां 7 से 8 सीटों की मांग कर रहा है, वहीं, राजद वर्ष 2015 के आधार पर कांग्रेस के लिए चार से पांच सीटों की पेशकश की है। हालांकि, अब तक किसी भी दल ने अधिकारिक रूप से अपनी सीटों और उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। दोनों दल के नेता भी इस मामले को लेकर ज्यादा खुलकर नहीं बोल रहे हैं।


वैसे, राजद अपने सहयोगी दल कांग्रेस को आंख दिखाने से भी नहीं चूक रही है।


राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि महागठबंधन में सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है। विवाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में है। उन्होंने कहा कि सीटों को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने इतना जरूर कहा कि जीतने वाले प्रत्याशी को ही मैदान में उतारा जाएगा, हारने वाले पर तो दांव नहीं लगाया जा सकता।


पिछले चुनाव में यानी वर्ष 2015 के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस सहरसा, कटिहार, पूर्णिया और पश्चिमी चम्पारण से चुनाव लड़ी थी।


इधर, बिहार कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रभारी राजेश राठौड़ इस मामले पर पूछने पर कहते हैं कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच इस मामले को लेकर बातचीत चल रही है। इस मामले में निर्णय आलाकमान को करना है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि महागठबंधन में सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है।


इधर, सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने इस चुनाव को लेकर तैयारी भी प्रारंभ कर दी है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल राज्य में 2 विधान सभा सीटों पर हुए उपचुनाव को लेकर महागठबंधन में दरार पड़ गई थी। दोनो सीटों पर राजद और कांग्रेस ने अपने - अपने उम्मीदवार उतार दिए थे।