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मुंडका अग्निकांड घटना स्थल पहुंचे केजरीवाल ने किया मुआवजे का ऐलान, कई लोग अब भी लापता

मुंडका अग्निकांड घटना स्थल पहुंचे केजरीवाल ने किया मुआवजे का ऐलान, कई लोग अब भी लापता

दिल्ली के मुंडका अग्निकांड के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल घटना स्थल का मुआयना करने पहुंचे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को मुंडका क्षेत्र पहुंचे, जहां शुक्रवार शाम को एक इमारत में आग लग गई थी। इमारत में आग लगने से लगभग 27 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद केजरीवाल ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैंने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक दो भाइयों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जबकि घायलों को दिल्ली सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।


केजरीवाल ने कहा, घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है, हम किसी को नहीं बख्शेंगे। पीड़ितों की पहचान के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएनए परीक्षण के बाद प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा।


उन्होंने कहा, शव बुरी तरह जल चुके हैं। शवों की पहचान के लिए एक एफएसएल टीम भी लगाई गई है। मैं प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।


इस बीच, पुलिस उपायुक्त (बाहरी) समीर शर्मा ने कहा कि प्राथमिकी संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। शुक्रवार शाम को हुई घटना के वक्त ज्यादातर लोग चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर मौजूद थे।


वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि, आग सबसे पहले पहली मंजिल पर लगी, जिसमें एक सीसीटीवी और राउटर बनाने वाली कंपनी थी। पुलिस ने उस कंपनी के मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान हरीश गोयल और वरुण गोयल के रूप में हुई है।


इमारत का मालिक मनीष लाकड़ा ऊपरी मंजिल पर रहता था, फरार हो गया है। अधिकारी ने कहा, लाकड़ा के ठिकाने के बारे में अभी पता नहीं चला है, उसे तलाशी जारी है।


कई लोग लापता

इस घटना में अब भी कम से कम 24 महिलाएं और 5 पुरुष लापता बताए जा रहे हैं। घटना में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में शुक्रवार को जले हुए शवों को शिफ्ट किया गया था।


रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ एक घायल व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद कुल 14 घायलों को अस्पताल लाया गया। जिसमें 13 को छुट्टी दे दी गई है।


बिहार के सहरसा के रहने वाले मनोज ठाकुर ने मीडिया को बताया कि वह अपनी पत्नी सोनी का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जो आग लगने के समय इमारत में मौजूद थी।


उन्होंने कहा कि सोनी ने उन्हें फोन करके आग के बारे में बताया था, लेकिन उसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। हम उसे ढूंढ रहे हैं।


लापता लोगों के परिजनों ने भी शिकायत की है कि इलाके से एक भी राजनीतिक प्रतिनिधि जांच के लिए अस्पताल नहीं आया है।


एक रिश्तेदार ने कहा, हम अभी भी इंतजार कर रहे हैं कि हमारे विधायक या सांसद अस्पताल में हमें सांत्वना देने आएंगे क्योंकि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हमने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है।


इस बीच, दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में शवों की पहचान के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, हम इस प्रक्रिया में लापता व्यक्ति के दो परिजनों को अस्पताल के अंदर जाने की अनुमति दे रहे हैं।