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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति पर गरमाई सियासत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति पर गरमाई सियासत

श्री राम शॉ

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता का कहना है कि आज जब पूरी दिल्ली खुली हुई है, दुकाने, बाजार, सिनेमाहॉल, स्विंमिंग पुल भी खुल चुके हैं तो केजरीवाल सरकार की ओर से छठ मनाने पर रोक लगाने का क्या मतलब है।

हालांकि, पूजा की अनुमति देने और इसके आयोजन को लेकर केंद्र सरकार से एसओपी (आवश्यक दिशा-निर्देश) जारी करने की मांग करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र भी लिखा है।

इसके जवाब में मांडविया ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों को लेकर पहले से ही केंद्र सरकार और हर राज्य सरकार की एसओपी बनी हुई है और इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अलग से किसी तरह की एसओपी जारी करने की कोई जरूरत नहीं है।

'आप' के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश की वजह से छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन में कोविड गाइडलाइंस अनिवार्य हैं। देश में राष्ट्रीय आपदा अधिनियम लागू होने के कारण केंद्र सरकार के निर्देश पर ही राज्य सरकार सार्वजनिक छठ पूजा आयोजन में कोविड प्रोटोकॉल से छूट दे सकती है।

दिल्ली सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए मनसुख मांडविया ने कहा कि हर मुद्दे पर विवाद खड़ा करना और राजनीति करना इनकी पुरानी आदत है और इन्होंने ऑक्सीजन की वजह से हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर भी इसी तरह का विवाद खड़ा किया था।

उन्होंने आगे कहा कि पहले से ही इस तरह की एसओपी मौजूद हैं जिसमें विस्तार से यह बताया गया है कि त्योहारों को किस तरह से मनाना चाहिए, त्योहार मनाने के लिए कितने लोग इकट्ठे हो सकते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि छठ पूजा या किसी भी अन्य त्योहार को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

गौरतलब है कि सिसोदिया ने अपने पत्र के माध्यम से अपील करते हुए कहा था कि दिल्ली में अब कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रण में है। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए आस्था और संस्कृति के प्रतीक छठ महापर्व के आयोजन को अनुमति दे।

इस पर केंद्रीय मंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार की एसओपी के अलावा हर राज्य सरकार ने अपनी-अपनी एसओपी अलग से भी बना रखी है। स्कूलों, बच्चों को लेकर और राज्य में प्रवेश से पहले वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट एवं आरटीपीसीआर टेस्ट को लेकर हर राज्य सरकारो ने अलग-अलग एसओपी बना रखी है।

पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि छठ एक आस्था का विषय है, इसमें राजनीति तो आनी ही नहीं चाहिए। छठ पर बैन के विरोध में कल सीएम आवास पर विरोध प्रदर्शन के दौरान मनोज तिवारी समेत कई कार्यकर्ता घायल हो गए थे।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने कोरोना के चलते 30 सितंबर को अपने आदेश में नदी किनारे और सार्वजनकि स्थानों पर छठ मनाने पर रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर छठ पर रोक लगाने का फैसला लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है। दिल्ली भाजपा इस आदेश का विरोध कर रही है।

(मेधज न्यूज़ /श्री राम शॉ)

छठ पूजा पर रोक लगाने का केजरीवाल का फैसला बिल्कुल गलत : भाजपा

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