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दिल्ली में राशन की डोरस्टेप डिलीवरी पर भाजपा और ‘आप’ में रार बरक़रार

दिल्ली में राशन की डोरस्टेप डिलीवरी पर भाजपा और ‘आप’ में रार बरक़रार

श्री राम शॉ

नई दिल्ली। केजरीवाल सरकार की "बहुप्रतिक्षित राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना" पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच तकरार तेज़ हो गया है। इस योजना पर फिलहाल ग्रहण लगने के कारण 'आप' के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार और भाजपा को आड़े हाथों लिया है, वहीँ भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने इस योजना पर रोक के लिए 'आप' पर ही सारा ठीकरा फोड़ा है।

नेहा शालिनी दुआ ने बताया कि केजरीवाल सरकार सिर्फ झूठे आरोप लगाना जानती है जो वो हमेशा केंद्र सरकार पर लगाती रहती है। फिर, चाहे खुद की नाकामी छिपाने को लेकर ऑक्सीजन का मामला हो या राशन का मामला।

नेहा का  कहना है, "जब केंद्र सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत सभी देशवासियों को 6 महीने का राशन मुफ्त दे रही है तो फिर उसी राशन को अपना नाम करके केजरीवाल सरकार जनता को देना चाहती है। हमारी इस पर आपत्ति है। 'आप' ने न तो केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना दिल्ली में आने दिया, न ही किसान सम्मान योजना और न ही केजरीवाल सरकार दिल्ली में गरीब कल्याण योजना लागू होने देती है। कोरोना की पहली लहर में जब  केंद्र ने सभी को मुफ्त राशन दिया तो दिल्ली में उसी राशन को मुख्यमंत्री योजना के नाम से दिया गया।"

उन्होंने आगे कहा,"हमें घोर आपत्ति है क्योंकि केंद्र की सभी योजनाएं केंद्र के नाम से ही चलनी चाहिए और उल्टा चोर कोतवाल को डांटे क्योंकि राशन की  चोरी केजरीवाल जी ने की है। राशन माफिया से वो मिले हैं। उन्हें डर है कि उनकी पोल ना खुल जाए। इसलिए ये पाखंड कर रहे हैं। जब केजरीवाल केंद्र सरकार की कोई योजना दिल्ली में लागू नहीं होने देते तो राशन माफिया से कौन मिला हुआ है, यह स्पष्ट है। आम आदमी पार्टी राशन माफिया को बचा रही है।"

दूसरी ओर, 'आप' के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा है कि भाजपा और राशन माफियाओं के बीच साठगांठ के कारण केंद्र सरकार ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी पर रोक लगाई है। राशन डीलरों ने एलजी को पत्र लिखकर डोरस्टेप डिलीवरी योजना को नामंजूर करने की अपील की थी, जिसकी कांपी केंद्र सरकार को भी भेजी गई थी। डीलरों की कांपी को ही आधार मानकर केंद्र सरकार ने योजना पर रोक लगा दी। यह कृत बड़ी सांठगांठ की ओर इशारा करता है।

भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस नेशनल फूड सिक्युरिटी एक्ट (एनएफएसए) को आधार बनाया है, उसे दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था और यह हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का मामला भी बनता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हाईकोर्ट से राशन की डोरस्टेप डिलीवरी की इजाजत मिलने के बाद केजरीवाल सरकार ने योजना लागू करने के लिए एलजी से इजाजत मांगी थी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू करने पर रोक लगाकर भाजपा और राशन माफिया के बीच नेटवर्क को एक तरह से हरी झंडी दी है। केंद्र सरकार और भाजपा नहीं चाहती है कि दिल्ली से राशन माफिया का नेटवर्क खत्म हो। जिस एनएफएसए को लेकर दिल्ली के राशन डीलरों के एसोसिएशन ने कोर्ट में दलील दी थी कि एनएफएसए के तहत राशन की डोरस्टेप डिलीवरी संभव नहीं है, तब कोर्ट ने उस दलील को खारिज कर दिया था। कोर्ट का कहना था कि एनएफएसए ऐसी कोई बांधा खड़ी नहीं करता है कि डोरस्टेप डिलीवरी नहीं होनी चाहिए।

(मेधज न्यूज़ / श्री राम शॉ)

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