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राज्य से पलायन को रोकने के लिए हरियाणा सरकार की विशेष पहल

राज्य से पलायन को रोकने के लिए हरियाणा सरकार की विशेष पहल

हरियाणा सरकार ने पलायन को रोकने के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण को लेकर अहम फैसला किया है। हरियाणा में राज्य के नौकरी पाने के इच्छुक लोगों को निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने संबंधी कानून 15 जनवरी, 2022 से लागू होगा। हरियाणा सरकार की ओर से शनिवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई। जिसे लेकर हरियाणवी युवाओं में खासी खुशी देखने को मिल रही जय।


हमारा प्रयास स्थानीय स्तर पर सुलभ रोजगार प्रदान कराना


हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बयान जारी कर कहा, ''हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों का रोजगार अधिनियम, 2020 स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की प्राथमिकता के साथ 15 जनवरी, 2022 से लागू किया जाएगा।''


खट्टर ने कहा कि ''राज्य ने हालांकि एक और अधिसूचना जारी की, जिसके तहत उक्त अधिनियम के तहत सकल मासिक वेतन या मजदूरी की ऊपरी सीमा 50,000 रुपये से घटाकर 30,000 रुपये कर दी गई है।''


इन लोगों पर होगा लागू


खट्टर ने कहा कि ''अधिनियम निजी क्षेत्र की कंपनियों, सोसाइटी, ट्रस्ट, साझेदारी फर्म के नियोक्ताओं और किसी भी उस व्यक्ति पर लागू होगा जो हरियाणा में विनिर्माण के उद्देश्य, व्यवसाय करना या कोई सेवा प्रदान करने के लिए वेतन, मजदूरी या अन्य पारिश्रमिक पर 10 या अधिक व्यक्तियों को नियुक्त करता है।''


प्रावधानों का उल्लघंन गैर कानूनी माना जाएगा


इन सभी नियोक्ताओं के लिए श्रम विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी मुहैया करवानी होगी। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन दंडनीय अपराध होगा।


दुष्यंत चौटाला का था मुख्य मुद्दा, वादे को पूरा कर दिखाया


उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि स्थानीय युवाओं को निजी कंपनियों में 75 फीसदी रोजगार देने संबंधी राज्य सरकार के फैसले से राज्य के युवाओं को काफी फायदा होगा। उन्होंने कहा, ''हमने वादा किया था कि हम निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों के लिए 75 प्रतिशत रोजगार के अवसर सुनिश्चित करेंगे, जिसे हमने पूरा किया है और यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।''