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बदमाशों ने दीपावली की आड़ में पूरानी रंजिश का लिया बदला, 2 की मौत 4 अन्य घायल

बदमाशों ने दीपावली की आड़ में पूरानी रंजिश का लिया बदला, 2 की मौत 4 अन्य घायल

नई दिल्ली। गुरुग्राम में एक रुह कांपने वाली घटना सामने आई, जहां पुरानी रंजिश के चलते बदमाशों ने पूर्व सरपंच के घर में धावा बोल दिया और गोलियां बरसाई, जिसमें कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई जबकि इस घटने में चार अन्य लोग घायल हो गए।

 

आपको बता दें, पूर्व सरपंच का तीन साल पहले निधन हो गया था। साइबर सिटी गुरुग्राम में दिवाली पर एक तरफ लोग पटाखे जला रहे थे, तो दूसरी ओर मानेसर से सटे कासन गांव में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज रही थी।

 

पुलिस ने बताया कि चार नवंबर को दिवाली को हुई इस घटना के पीछे निजी रंजिश बताई जा रही है।

 

पुलिस ने कहा कि पीड़ितों में से दो 2007 में एक हत्या में शामिल थे और जमानत पर बाहर थे।

 

शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने बताया कि कासन गांव के योगेंद्र उर्फ ??रिंकू, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के दीपक उर्फ भोलू, भिवानी के मनीष राणा, सोनीपत के अमित समेत कुछ अन्य हमलावर पूर्व सरपंच गोपाल के घर में रात करीब आठ बजे घुस आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

 

राजेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह अपने भतीजे बलराम, सोहनपाल और प्रवीण के साथ घर के अंदर थे, जबकि उनका बेटा विकास राघव और बलराम का आठ साल का बेटा यश चौहान लॉन में दिवाली मना रहा था और उसी समय उन पर हमला हो गया।

 

उन्होंने कहा, हमलावरों ने घर में प्रवेश किया और हम पर गोलियां चला दीं। विकास को कई गोलियां लगीं और जब हमने शोर मचाया तो सभी हथियारबंद अपराधी मौके से भाग गए।

 

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया, विकास को एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

 

पटौदी के सहायक पुलिस आयुक्त वीर सिंह ने कहा, फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए तलाश की जा रही है।

 

मृतकों की पहचान विकास (21) और सोहनपाल (35) के रूप में हुई है।

 

सोहनपाल गोपाल का पुत्र था। हमले में उसका भाई बलराम भी घायल हो गया और उसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। राजेश घायल होने वाला तीसरा व्यक्ति है।

 

प्रवीण की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि यश चौहान खतरे से बाहर है।

 

सिंह ने कहा कि 2007 में होली के दिन मुख्य आरोपी योगेंद्र उर्फ रिंकू के भाई मनोज की हत्या में कथित तौर पर बलराम और सोहनपाल शामिल थे और अब दिवाली पर हुए इस हमले को इससे जोड़ा जा सकता है।