होम > राज्य > हिमाचल प्रदेश

Himachal Festival: जे.पी. नड्डा ने कहा- हिमाचल की कला, संस्कृति और कलाकारों को मिलेगा बढ़ावा

Himachal Festival: जे.पी. नड्डा ने कहा- हिमाचल की कला, संस्कृति और कलाकारों को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा (JP Nadda) राजधानी दिल्ली में 'हिमाचल महोत्सव' (Himachal Festival) कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा, "इस कार्यक्रम से निश्चित रूप से हिमाचल की कला, संस्कृति और कलाकारों को बढ़ावा मिलेगा। इस कार्यक्रम के साथ मेरी शुभकामनाएं हैं।"


कृषि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का प्रमुख व्‍यवसाय है। यह राज्‍य की अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह 69 प्रतिशत कामकाजी आबादी को सीधा रोजगार मुहैया कराती है। कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र से होने वाली आय प्रदेश के कुल घरेलू उत्‍पाद का 22.1 प्रतिशत है। कुल भौगोलिक क्षेत्र 55.673 लाख हेक्‍टेयर में से 9.79 लाख हेक्‍टेयर भूमि के स्‍वामी 9.14 लाख किसान हैं। मंझोले और छोटे किसानो के पास कुल भूमि का 86.4 प्रतिशत भाग है। राज्‍य में कृषि भूमि केवल 10.4 प्रतिशत है। लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र वर्षा-सिंचित है और किसान इंद्र देवता पर निर्भर रहते हैं।


प्रकृति ने हिमाचल प्रदेश को व्‍यापक कृषि जलवायु परिस्थितियां प्रदान की हैं जिसकी वजह से किसानों को विविध फल उगाने में सहायता मिली है। बागवानी के अंतर्गत आने वाले प्रमुख फल हैं- सेब, नाशपाती, आडू, बेर, खूमानी, गुठली वाले फल, नींबू प्रजाति के फल, आम, लीची, अमरूद और झरबेरी आदि। 1950 में केवल 792 हेक्‍टेयर क्षेत्र बागवानी के अंतर्गत था, जो बढ़कर 2.23 लाख हेक्‍टेयर हो गया है। इसी तरह,1950 में फल उत्‍पादन 1200 मीट्रिक टन था, जो 2007 में बढ़कर 6.95 लाख टन हो गया है।