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मध्यप्रदेश में महिलाओं को मिली संयंत्र चलाने की जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री ने सौंपी चाबी

मध्यप्रदेश में महिलाओं को मिली संयंत्र चलाने की जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री ने सौंपी चाबी

शिवपुरी| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को 'टेक होम राशन संयंत्र' की बागडोर महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी संस्था को सौंपी। राज्य के शिवपुरी में 17 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित संयंत्र के जरिए महिलाओं को सशक्त होने का मौका मिलेगा। 


गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में नवाचारों का दौर जारी है। वहीं इस कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्वालियर-चंबल संभाग की महिलाओं द्वारा संचालित यह संयंत्र पूरे देश के महिला स्व-सहायता समूहों के लिये बड़ा उदाहरण बनेगा। संयंत्र का मुनाफा महिला स्व-सहायता समूहों को दिया जाएगा।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि केवल ठेकेदार और बड़े कारोबारी ही उद्योग नहीं चला सकते। महिलाएं भी अब उद्योग धंधे चलाने में सक्षम हो चुकी हैं। इसी सोच के साथ शिवपुरी के 'टेक होम राशन संयंत्र' के संचालन की जिम्मेदारी महिला संस्था को सौंपी गई है। उन्होंने कहा प्रदेश में अब महिलाएं भी कल-कारखाने चलाएंगी। इसके लिए प्रदेश सरकार उन्हें हर संभव मदद देगी।


शिवपुरी के 'टेक होम राशन संयंत्र' का संचालन अभी तक एमपी एग्रो द्वारा किया जा रहा था। अब इसका संचालन महिला आजीविका सहकारी संस्था द्वारा किया जाएगा, जिससे इसका सीधा लाभ महिलाओं को मिलेगा और उनके जीवन स्तर में बदलाव आएगा। साथ ही महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संयंत्र का अवलोकन भी किया।


खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, शिवपुरी जिले के प्रभारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया एवं लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ सहित जनप्रतिनिधि मौजूद थे।


ग्वालियर-चंबल संभाग के आठ जिलों की महिला समूहों से बनी है यह महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी समिति शिवपुरी मर्यादित, जिसका राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वर्ष 2018 में गठन हुआ था। इस समिति में ग्वालियर संभाग के सभी पांच और चंबल संभाग के सभी तीन जिले शामिल हैं। यही समिति अब 'टेक होम राशन संयंत्र' का संचालन करेगी।