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मनाई जा रही रंग पंचमी, बाबा महाकाल को लगाया गया टेसू का रंग

मनाई जा रही रंग पंचमी, बाबा महाकाल को लगाया गया टेसू का रंग

रंग पंचमी का त्योहार हर वर्ष होली के बाद पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मध्यप्रदेश में रंगपंचमी का खास उस्ताह देखने को मिलता है। उज्जैन स्थित महाकाल बाबा भी रंगपंचमी के रंग में डूबे दिखे। बाबा महाकाल के दरबार में भी रंगपंचमी के मौके पर भक्तों ने अपने आराध्य के आंगन में जमकर एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाया। वहीं बाबा को टेसू के फूलों से बनाया गया रंग चढ़ाया गया।

बीते दो सालों से कोरोना महामारी के कारण उत्सवों का रंग फीका था और महाकालेश्वर मंदिर में भी भक्तों ने रंगपंचमी नहीं मनाई थी। इस साल कोरोना को लेकर सभी पाबंदियां हटाए जाने के बाद उत्सव की धूम है। रंगपंचमी का भी भक्त आनंद लेने में लगे है।

उज्जैन के महाकाल की होली को बृज की होली से कम नहीं आंका जाता। यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है और वे अपने आराध्य के साथ धूमधाम से होली मनाते है। इस बार भी ऐसा ही हुआ। रंगपंचमी के मौके पर भस्मारती में महाकाल को टेसू के फूलों से बना रंग चढ़ाया गया और उसके बाद सभी ने एक दूसरे को रंग दिया।


यहां के पंडा, पुजारी और भक्त पूरी तरह रंगेा से सराबोर हो गए। यहां हर्बल रंगों का ही उपयोग किया जाता है। टेसू से तैयार केसरिया रंग को गर्भगृह से नंदी हॉल तक उड़ाया गया।

यहां की परंपरा है कि सबसे पहले पुजारियों ने बाबा महाकाल को टेसू के फूलों से बना रंग लगाते है ओर आरती के दौरान रंग को श्रद्धालुओं की ओर इसे फेंका जाता है। आज भी रंगपंचमी पर ऐसा ही हुआ।

बाबा का रंगपंचमी के अवसर पर भांग, चंदन और सूखे मेवे से श्रृंगार किया गया। पंचामृत, अभिषेक और पूजन के बाद भस्म अर्पित हुई।