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क्यों सिंघु बॉर्डर हत्याकांड में डिप्टी सीएम को आ रही साजिश की गंध ?

क्यों सिंघु बॉर्डर हत्याकांड में डिप्टी सीएम को आ रही साजिश की गंध ?

चंडीगढ़ | पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा और दिल्ली को अलग करने वाले सिंघु बॉर्डर पर हालिया घटनाक्रम किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की गहरी साजिश प्रतीत हो रहा है। 


पंजाब के तरनतारन के एक दलित मजदूर की 15 अक्टूबर को हत्या और मीडिया में ताजा खुलासे का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री, जिनके पास गृह विभाग भी है, ने पूर्ण न्याय का वादा करते हुए कहा कि सरकार इस मामले की तह तक जाएगी और घटना के पीछे शामिल साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश किया जाएगा।


रंधावा ने कहा कि निहंग नेताओं में से एक के केंद्रीय कृषि मंत्री एन. एस. तोमर के संपर्क में होने के हालिया खुलासे को देखते हुए, हत्या ने पूरी तरह से अलग मोड़ ले लिया है।


वही निहंग नेता अब लखबीर सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी का बचाव कर रहा है।


उपमुख्यमंत्री ने कहा, "दलित पीड़ित लखबीर सिंह गांव चीमा कलां का रहने वाला था और गरीब था। हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि उसे सिंघु सीमा पर किसने फुसलाया और उसकी यात्रा का भुगतान किसने किया, क्योंकि वह अपना भोजन भी नहीं खरीद सकता था।" कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि उसे किन परिस्थितियों में उसके घर से सिंघु सीमा पर ले जाया गया था।


उन्होंने कहा कि हाल के फोटोग्राफिक साक्ष्यों के मद्देनजर, निहंग नेता को यह भी बताना होगा कि वह किस काम से केंद्रीय कृषि मंत्री से मिले थे और क्या उन्हें तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ अभियान की अगुवाई करने वाले किसान संगठनों द्वारा ऐसा करने के लिए कहा गया था।


रंधावा ने कहा कि जिस स्थान पर निहंग नेता डेरा डाले हुए थे और सिंघु सीमा पर धरना दे रहे थे, उनकी ओर से केंद्रीय मंत्री के साथ अपनी बैठकों के बारे में किसान यूनियनों को सूचित करना अनिवार्य था।


उन्होंने एक बयान में कहा, "इसने लोगों के मन में वास्तविक संदेह पैदा कर दिया है, जिसे दूर करने की आवश्यकता होगी और पंजाब सरकार साजिश की जड़ तक पहुंचने और दोषियों को बेनकाब करने और उन्हें दंडित करने के लिए सब कुछ करेगी।"


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