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राजस्थान में कपड़ा और जूतों पर नहीं बढ़ेगा जीएसटी, राज्य सरकार का फैसला

राजस्थान में कपड़ा और जूतों पर नहीं बढ़ेगा जीएसटी, राज्य सरकार का फैसला

नई दिल्ली| दिल्ली के विज्ञान भवन में शुक्रवार को आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में राजस्थान की तरफ से तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने राज्य का पक्ष रखते हुए जीएसटी काउंसिल चेयरपर्सन एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मांग की है कि कोरोना महामारी में ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कपड़ा और जूते पर जीएसटी की दरें न बढ़ाई जाये। सुभाष गर्ग ने कहा कि महामारी और अर्थव्यवस्था की गिरती हुई हालात से राज्यों के राजस्व पर काफी विपरीत प्रभाव पड़ा है, इसलिए कोविड के प्रभाव से बाहर आने तक जीएसटी की दरों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाए।


उन्होंने शुक्रवार को बताया कि जीएसटी काउंसिल के पूर्व निर्णयानुसार 1 जनवरी 2022 से कपड़ा एवं रेडीमेड गारमेंट्स जो 1000 रुपये से कम लागत वाले आइटम एवं 1000 रुपये यूपीए से कम लागत वाले फुटवियर पर जीएसटी दर 5 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत प्रस्तावित थी। जिसे आगामी 2 वर्ष तक स्थगित रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल व्यापारियों की मांग अनुसार जीएसटी दर 2 वर्ष तक नहीं बढ़ाने का प्रस्ताव राजस्थान सरकार की तरफ से प्रभावी तरीके से जीएसटी काउंसिल के समक्ष रखा।


सुभाष गर्ग ने कहा कि राजस्थान सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने समय-समय पर जीएसटी की दरें नहीं बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से कई बार आग्रह भी किया है। काउंसिल की बैठक में डॉ गर्ग ने कहा कि राजस्थान को मिलने वाले जीएसटी कंपनसेटरी सेस 7433 करोड़ रुपए का तत्काल भुगतान किया जाये। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार की ओर से मांग रखी कि जीएसटी कंपनसेटरी सेस भुगतान अवधि जुलाई 2022 से 5 साल बढ़ाकर जुलाई 2027 तक की जाये।


बैठक के बाद सुभाष गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार की सभी मांगों पर केंद्रीय वित्त मंत्री एवं जीएसटी काउंसिल के चेयरपर्सन निर्मला सीतारमण ने सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया। बैठक में सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने भाग लिया। राजस्थान की तरफ से वित्त सचिव (राजस्व) टी. रविकांत और मुख्य आयुक्त (राज्यकर) रवि जैन भी उपस्थित रहे।


गौरतलब है कि 1 जनवरी 2022 से कपड़ा उत्पादों पर जीएसटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया जाना था, लेकिन देश में अधिकांश राज्य सरकारें टेक्सटाइल सेक्टर व फुटवेयर उद्योग में जीएसटी दर बढ़ाने के विरोध में थे। ऐसे में जीएसटी परिषद ने 46 वीं बैठक में साल के आखिरी दिन यह फैसला वापस ले लिया है।