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लखीमपुर हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी, अब जेल भेजने की तैयारी

लखीमपुर हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी, अब जेल भेजने की तैयारी

लखनऊ| उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुई हिंसा के मामले में एक नाटकीय घटनाक्रम में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र 'मोनू' शनिवार को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर करीब 11 घंटे तक गहन पूछताछ की।

एसआईटी के अध्यक्ष डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुलिस लाइन में मीडिया को बताया कि नॉन-कॉपरेशन के आरोप में केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र मोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इतना कहकर एक बार फिर डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल क्राइम ब्रांच के दफ्तर में चले गए और दरवाजा बंद कर लिया। माना जा रहा है कि अब मोनू मिश्रा को जेल भेजने की तैयारी कर ली गई है। किसी भी वक्त उन्हें वहां से निकालकर जेल भेजा जा सकता है।

शनिवार की सुबह 11 बजे आशीष मिश्र मोनू को पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पेश होना था, लेकिन वह तय समय से पहले ही 10 बजकर 38 मिनट पर पिछले रास्ते से पुलिस लाइन पहुंच गए। उनके साथ दो वकील अवधेश सिंह और अवधेश दुबे भी क्राइम ब्रांच के दफ्तर में दाखिल हुए। इस दौरान आशीष मिश्र से देर रात तक पूछताछ चली और करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल बाहर निकले और आशीष को गिरफ्तार करने की जानकारी मीडिया को दी। गौरतलब है कि लखीमपुर के तिकुनिया में तीन अक्टूबर को हुई किसानों की मौत में आशीष मिश्र आरोपित हैं। पुलिस ने गुरुवार को उनके आवास पर नोटिस चस्पा कर शुक्रवार सुबह 10 बजे तक हाजिर होने को कहा था, लेकिन वह नहीं आए थे।

शुक्रवार को पुलिस ने दोबारा समन चस्पा कर शनिवार दिन में 11 बजे पेश होने को कहा था। लेकिन, इससे 20 मिनट पहले ही वह मुंह पर रुमाल बांधकर नीले रंग की स्कूटी से क्राइम ब्रांच के आफिस में जा पहुंचे। वहां विशेष जांच टीम (एसआइटी) के मुखिया पुलिस हेडक्वार्टर के डीआइजी उपेंद्र अग्रवाल ने उनसे एक के बाद एक कई सवाल पूछे। जांच टीम ने अपने सवालों की सूची पहले से ही तैयार कर रखी थी। कुछ सवाल आशीष द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के बाबत भी पूछे गए।

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