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भाजपा ने यूपी चुनाव की तीसरी सूची की जारी, कुल 85 टिकटों में से 15 टिकट महिलाओं को

भाजपा ने यूपी चुनाव की तीसरी सूची की जारी, कुल 85 टिकटों में से 15 टिकट महिलाओं को


यूपी भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। इसमें 85 नाम हैं। इससे पहले भाजपा ने पहले और दूसरे चरण की लिस्ट जारी की थी। इनमें रामवीर उपाध्याय को सादाबाद से टिकट दिया है। रायबरेली से अदिति सिंह को उतारा है। वहीं, मुलायम यादव के समधी हरिओम यादव को मैनपुरी से उतारा है। वहीं, कन्नौज से असीम अरुण को मैदान में उतारा है।

कौन है असीम अरुण
एडीसी रैंक के अधिकारी असीम अरुण को सबसे पहले SWAT बनाने का भी श्रेय जाता है। वो 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पिछले साल मार्च में उन्होंने कानपुर पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाली ली। इससे पहले असीम अरुण ATS चीफ के पद पर नियुक्त थे। यूपी पुलिस के 'सिंघम' अधिकारियो में उनकी गिनती होती है। उनका जन्म तीन अक्टूबर 1970 को बदायूं में हुआ। असीम अरुण के पिता भी आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने प्रदेश के डीजीपी का पद भी संभाला था।

सपा का अभेद्य किला है कन्नौज
वहीं जिस सीट से असीम अरुण के बीजेपी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा हो चुकी है। अगर उस सीट पर नजर डालें तो कन्नौज सदर विधानसभा सीट को सपा का गढ़ माना जाता है। पिछले बार 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान पूरे प्रदेश में मोदी लहर के बावजूद भाजपा को यहां से हार का मुंह देखना पड़ा था। समाजवादी पार्टी यहां से 2002, 2007, 20012 और 2017 में लगातार चौथी बार विजेता बनकर उभरी है। समाजवादी पार्टी के अनिल कुमार दोहरे 3 बार के विधायक हैं। ऐसे में देखने वाली बात यह है कि सपा का अभेद्य किला माना जा रहा कन्नौज को ढहाने में असीम अरुण सीएम योगी की मदद कैसे करेंगे। 

कौन है रिया शाक्य, जो है बिधूना सीट से बीजेपी की प्रत्याशी
बीते दिनों औरैया के बिधूना सीट से बीजेपी विधायक विनय शाक्य की बेटी रिया शाक्य ने वीडियो जारी कर पिता के अपहरण का आरोप लगाया तो हड़कंप मच गया। इस मामले में बिधूना एमएलए विनय शाक्य के कथित अपहरण को लेकर को खुद विधायक और उनकी मां और परिवार ने सफाई दी है। इसमें उनके छोटे भाई की पत्नी के साथ उनके सुरक्षाकर्मी ने विधायक के सुरक्षित होने की बात कही।

विनय शाक्य और उनकी मां तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा है कि सभी लोग इटावा के सिविल लाइन क्षेत्र के अंतर्गत शांति कॉलोनी में विधायक के साथ सुरक्षित हैं। साल 2018 में पड़े ब्रेन स्ट्रोक के वजह से विनय शाक्य बोल पाने की स्थिति में सही से नहीं हैं. विधायक विनय शाक्य ने इस दौरान इशारों ही इशारों में अपनी बेटी रिया की ओर से वायरल किए गए वीडियो को लेकर के नाराजगी जताई है। हल्की अब वह सपा में जा चुके है। इसीलिए भाजपा ने यहां से उनकी पुत्री को ही उम्मीदवार बनाया है। जिससे इस तीसरी सूची में सबसे चौकाने वाला नाम रिया शाक्य का ही है।