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नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर ऐसे पूजन करेंगे मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ

नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर ऐसे पूजन करेंगे मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ

नवरात्रि के दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर की शक्तियों की आराधना करने का विशेष महत्व है। नवरात्रि के नौ दिनों तक पीठाधीश्वर शक्ति की आराधना करते है। योगी आदित्यनाथ भी हर वर्ष इस परंपरा का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करते है। 


पहले दिन हुई कलश स्थापना


मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि के पहले दिन गोरखनाथ मंदिर मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में कलश स्थापना की। इसके बाद नौ दिनों तक लगातार वो माता का पूजन भी करते है।


वहीं नवरात्रि की अष्टमी तिथि की रात को वो महाशक्ति की आराधना करते हुए महानिशा पूजन करेंगे। अष्टमी की रात्रि में सात्विक बलि देकर विशेष हवन करने का प्रचलन भी नाथ संप्रदाय में है। इसके मुताबिक ही पूरा पूजन किया जाएगा।


वहीं नवमी तिथि को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौ दुर्गा स्वरूपा नौ कुंवारी कन्याओं के साथ कन्या पूजन विधि को पूरा करेंगे। इस दौरान वो उनके पांव पखार कर उनके माथे पे रोली, चंदन, दही, अक्षत का तिलक लगा विधि विधान से पूजन करेंगे। कन्याओं को भोजन कराने के उपरांत वो उनका आशीर्वाद लेंगे। परंपरानुसार बटुक पूजन भी होगा।


लगेगी संतो की अदालत


इस दिन शोभायात्रा, पूजन के अलावा भी खास आयोजन किया जाता है। दरअसल दशमी के मौके पर यहां संतों की अदालत लगाई जाती है। इस दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर दंडाधिकारी की भूमिका निभाते है। नाथ समुदाय की परंपरा के मुताबिक हर साल दशहरे के मौके पर गोरखनाथ मंदिर में पीठाधीश्वर संतों के साथ विवादों का निपटारा करते है।


बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर होने के अलावा नाथ पंथ की शीर्ष संस्था अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के अध्यक्ष भी हैं। इस पद पर होने के कारण ही वो दंडाधिकारी की भूमिका निभाते है। विजयदशमी के मौके पर गोरखनाथ मंदिर में पात्र पूजा का विशेष कार्यक्रम होता है, जिसमें गोरक्षपीठाधीश्वर संतो के बीच मतभेदों को दूर सकते है और आपसी विवाद सुलझाते हैं।


विवादों के निस्तारण से पूर्व संतगण पात्र देव के रूप में योगी आदित्यनाथ का पूजन करते हैं। पात्र देवता के सामने सुनवाई में कोई भी झूठ नहीं बोलता है। पात्र पूजा संत समाज में अनुशासन के लिए भी जाना जाता है।


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