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योगी के अथक प्रयासों से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यस्था ने पकड़ी रफ़्तार

योगी के अथक प्रयासों से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यस्था ने पकड़ी रफ़्तार

सार 

  • मुख्यमंत्री ने 30.35 करोड़ रु0 की लागत से निर्मित महन्त अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय जंगल कौड़िया का लोकार्पण किया 
  • महाविद्यालय परिसर में ब्रहम्लीन महन्त अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण किया
  • महाविद्यालय में पहले सत्र में कुल 460 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया, जिनमें 273 बालिकाएं
  • वर्तमान राज्य सरकार ने 04 साल के अन्दर 20 हजार बालिकाओं को पुलिस में भर्ती किया
  • देश में 44 प्रमुख योजनाएं हैं, जिनमें उप्र अव्वल 

गोरखपुर | उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े चार सालों में शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक और रकानून से लेकर आधारभूत संरचना तक सभी ने विकास की नई उचाईयों को छुआ है। गोरखपुर के अपने दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब आपकी सोच ईमानदार होती है तो काम दमदार होते हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा की वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं  में से एक है। देश में केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं में पीछे रहने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की 44 योजनाओं में अव्वल बना हुआ है। यूपी में दुनिआ भर से बड़ी बड़ी कंपनियां निवेश कर रह हैं। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश, उद्यम करने की सरलता (ease of doing business) में भी अपनी त्वरित समाधानों और आसान और उद्यम प्रेमी नीतियों  क वजह से देश में सबसे आगे है।  

मुख्यम्नत्री ने कहा है की आज देश भर में उत्तेर प्रदेश की अर्थव्यस्था देश में सबसे आएगी निकलने के कगार पर है।  बुधवार को  जंगल कौड़िया के रसूलपुर चकिया में महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने ये बात कही।  अपने सम्बोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से बदलते भारत को और 2017 से बदलते उत्तर प्रदेश को सभी ने देखा है। 

उन्होंने कहा आज सभी को बिना भेदभाव सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। अच्छी सड़कों और बिजली की सुविधा हर गांव तक पहुँच रही है। पहले किसानों का धान क्रय नहीं होता था और आज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इसकी खरीद होती है।  इतना ही नहीं पैसा सीधे किसान के खाते में ट्रांसफर होता है। 

प्रदेश में कानून व्यस्था के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा की आज सभी को सुरक्षा की अनुभूति होती है। प्रदेश में अराजक तत्वों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है।  उन्होंने कहा की सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश में कोरोना भी लगभग समाप्ति के कगार पर है। उन्होंने कहा कि, नेकनीयती के साथ किए गए कार्य का अच्छा परिणाम आता है। इसमें ईश्वर भी साथ देते हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि  मोदी सरकार ने यूपी में विकास का रास्ता खोला है। उन्होंने कहा की प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति, अच्छी और चौड़ी सड़कों का जाल बिच चुका है और गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उनतक पहुँच रहा है। 

आज उत्तेर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सरकार वचनबद्ध है। शिक्षा के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर स्वास्थ्य और शिक्षा का हब बन गया है। उन्होंने कहा की यहां विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बन रहे एम्स का अगले एक माह में उद्घाटन हो जायेगा।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जिले में किसानों को समय से खाद और नौजवानों को नौकरी के लिए किये गए प्रयासों की बात की। उन्होंने बायता कि गोरखपुर को आयुष विश्वविद्यालय, महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, कैम्पियरगंज में आईटीआई, दो इंटर कालेज, सहजनवा में पॉलिटेक्निक 
 पहले ही मिल चुके हैं।  

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को नमन करते हुए कहा कि गोरक्षपीठ की परंपरा केवल धर्म, अध्यात्म और उपासना विधि तक सीमित नहीं रही। लोक कल्याण के ध्येय से धर्म को व्यावहारिक जीवन मे जीने का कार्य और धर्म का व्यावहारिक मर्म समझाने का कार्य पीठ के आचार्यों ने किया है।

समारोह में उपस्थित प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास की नई बयार बह रही है। मुख्यमंत्री बनते ही उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने सबसे पहले इस महाविद्यालय के स्थापना की घोषणा की। 

30.35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय का शिलान्यास 21 मई 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इस महाविद्यालय में 14 क्लास रूम, 4 लैब, 1 लाइब्रेरी, 1 कम्प्यूटर रूम, 1 परीक्षा हाल, 1 प्राचार्य कक्ष, 3 फैकल्टी कक्ष व सभी तल पर प्रसाधन है। 

विभिन्न सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रमों के लिए 460 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी बनाया गया है। इसके अलावा 90 की क्षमता वाला बालक छात्रावास और 60 की क्षमता का बालिका छात्रावास भी है।

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