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आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर राज्य संग्रहालय लखनऊ द्वारा विभाजन विभीषिका की प्रदर्शनी

आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर राज्य संग्रहालय लखनऊ द्वारा विभाजन विभीषिका की प्रदर्शनी

आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर विभाजन विभीषिका दिवस 14 अगस्त को राज्य संग्रहालय, लखनऊ द्वारा विभाजन विभीषिका को दर्शाने वाली संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा तैयार की गयी प्रदर्शनी लगायी गयी। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुकेश शर्मा, विधान परिषद सदस्य द्वारा किया गया।

भारत का विभाजन माउण्ट बेटेन योजना के आधार पर भारत स्वतंत्रता अधिनियम-1947 के आधार पर किया गया था। भारत के विभाजन से करोड़ो लोग प्रभावित हुए थे। विभाजन के दौरान हुई हिंसा में लगभग 10 लाख लोग मारे गये तथा लगभग 15 करोड़ लोग शरणार्थी बने थे। प्रदर्शनी में विभाजन से हुई त्रासदी को दर्शाया गया है।

प्रदर्शनी के अवलोकन के उपरान्त मुख्य अतिथि मुकेश शर्मा ने जन सामान्य को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदर्शनी का प्रत्येक चित्र विभाजन से हुई विभीषिका को दर्शाता है। हम सबको विभाजन से हुई त्रासदी से सबक लेते हुए यह संकल्प लेना है कि हमारा देश अखंड रहे तथा भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो। मा0 मुख्य अतिथि ने उक्त अवसर पर उपस्थित लोगों को तिरंगा वितरित कर हर घर पर तिरंगा फहराने हेतु प्रेरित किया। प्रदर्शनी के पश्चात  मुख्य अतिथि ने संग्रहालय परिसर में निर्मित स्वतंत्रता आन्दोलन पर आधारित झांकी का भी अवलोकन किया।

निदेशक-डॉ0 आनन्द कुमार सिंह ने  मुख्य अतिथि का स्वागत कर उनकी गरिमामयी उपस्थिति हेतु आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ मीनाक्षी खेमका, सहायक निदेशक द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर कर्मयोग सेवा संस्थान के संस्थापक अमित मिश्र, अलशाज फात्मी सहायक निदेशक, धनन्जय राय, विजय कुमार मिश्र, गौरव, अनिता चौरसिया, शशिकला राय, शालिनी श्रीवास्तव, संतोष कुमार आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।