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मैं दिन में तीन बार कपड़े बदलने की तरह फैसले नही बदला करता : स्वर्गीय चंदशेखर

मैं दिन में तीन बार कपड़े बदलने की तरह फैसले नही बदला करता : स्वर्गीय चंदशेखर

एक बार की बात है भैरों सिंह शेखाबत और नरेन्द्र दामोदर मोदी  एयर पोर्ट पर खड़े थे , तभी अचानक ,भैरों सिंह ने अपने कुर्ते से सामान निकाल कर मोदीजी की जेब मे डाल दिया, मोदीजी सकपका गये क्योकि दूर से एक आदमी आ रहा था वो कोई और नही , पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंदशेखर थे। 

चंद्र शेखर ने आते ही भैरों सिंह की तलाशी ली , उनको कुछ नही मिला ,तब मोदीजी समझ गए माजरा क्या है क्योकि चंद्र शेखर को तम्बाकू सिगरेट से नफरत थी और भैरों सिंह को इस्तेमाल करते देखकर ,चंदशेखर नाराज होते थे और वह फेंक देते थे, चंदशेखर , स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी को गुरुजी कहते थे। 

प्रधानमंत्री बनने से पहले,और गद्दी छोड़ने से पहले अटल जी से सलाह ली थी। चंदशेखर जवान के पक्के और मुंह पर कहने वाले व्यक्ति थे जब वह राम मनोहर लोहिया के कहने पर जीप की जगह कार ले गए जिससे लोहिया नाराज हो गए तब चंदशेखर भी उनसे नाराज हुए और साफ साफ कहा जीप नही मिली मतलब नही मिली, जब लोहिया अपना गुट लेकर अलग हुये तब चंदशेखर उनके साथ नही गये अपने सहयोगी के साथ रहे जब कांग्रेस ने अपना समर्थन लेने की सोची तो वह राष्ट्पति जी के पास त्याग पत्र देने चले गए ,जब यह बात राजीव गांधी को पता चली तो उन्होंने चंदशेखर को मनाने और रोकने के लिए प्रणव मुखर्जी को भेजा तब चंदशेखर ने प्रणब से कहा मैं दिन में तीन बार कपड़े बदलने की तरह फैसले नही बदला करता । ऐसे थे स्वर्गीय चंदशेखर