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डेयरी सेक्टर में निवेश हेतु लगभग 25 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए

डेयरी सेक्टर में निवेश हेतु लगभग 25 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए

उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में आज यहां पशुपालन निदेशालय में ’उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट  2023’ तैयारी व डेयरी सेक्टर में पूॅजी निवेश को आकर्षित करने तथा इस क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्यमियों/इन्वेस्टर्स को अधिकाधिक सहभागिता बढाने हेतु वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई।

इस अवसर पर मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि डेयरी सेक्टर में निवेश हेतु लगभग 25 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक हैं। इस सेक्टर में विभाग द्वारा लगभग 23 हजार करोड़ रूपये के समझौता ज्ञापननिष्पादित किये जा चुके है। पशुधन सेक्टर में 844 करोड़ के एमओयू निष्पादित किये गये हैं। उन्होंने निवेशकों से 10 से 12 फरवरी 2023 तक आयोजित हो रहे उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में उपस्थित होने, अधिक से अधिक निवेश करने, एक्सपो में अपने स्टाल स्थापित करने की अपील करते हुए कहा कि उद्यमी सरकार के साथ मिलकर प्रदेश को शक्ति और संकल्प के पथ पर दो कदम आगे बढ़ाने में सहयोग करें। उद्यमियों को सभी सुविधायें बिना किसी व्यवधान के उपलब्ध कराई जायेगी।


पशुधन मंत्री ने कहा है कि दुग्ध क्षेत्र में चहुँमुखी विकास को बल देना होगा और निवेश बढ़ाना होगा। साथ ही ’’क्वालिटी मिल्क फॉर ऑल’’ के उद्देश्य के साथ कार्य करते हुए दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने व प्रसंस्करण तथा दुग्ध विनिर्माण की इकाईयों के विभिन्न आयामों के अंतर्गत प्रगति करनी होगी। उन्होंने उद्यमियोंं से आह्वान किया कि डेयरी इण्डस्ट्री के साथ ही गौसंरक्षण के लिए गोशालायें स्थापित करने हेतु योगदान दें और इस हेतु राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सुविधायें उपलब्ध कराई जायेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उ0प्र0 कुक्कुट विकास नीति-2022 प्रख्यापित की गयी है, जिसके तहत कामर्शियल लेयर फार्मिग हेतु 10 हजार, 30 हजार एवं 60 हजार पक्षियों की इकाई योजना तथा ब्रायलर पैरेन्ट फार्मिंग हेतु 10 हजार पक्षियों की इकाई योजना संचालित की जा रही है। जिसके द्वारा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन होगा और कुक्कुट पालन द्वारा आय में वृद्धि होगी।

मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में निवेशकों का योगदान महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार की दूरदर्शी एवं पारदर्शी नीतियों, सुधारों, सुरक्षा, सुदृढ़ काननू व्यवस्था, निर्वाध विद्युत आपूर्ति और आवगमन की सुगम व्यवस्था होने के कारण देशी व विदेशी निवेशकों के लिए यूपी भारत में पसंदीदा निवेश गन्तव्य के रूप में उभर रहा है और आज छोटे-बड़े सभी उद्योगपति उ0प्र0 में आने और निवेश के इच्छुक हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उ0प्र0 का सर्वांगीण विकास हो रहा है, जो हमारे लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

मंत्री धर्मपाल सिंह ने उद्यमियों से कहा कि उत्तर प्रदेश में दुग्ध की उपलब्धता सर्वाधिक है क्योंकि राज्य प्रथम स्थान के साथ देश का लगभग 16 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन करता है और राज्य में जहॉ कुशल मानव संशाधन उपलब्ध है वहीं प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या सर्वाधिक है साथ ही साथ राज्य सरकार द्वारा ईज आफ डूइंग बिजनेस के अन्तर्गत श्रम कानून तथा नवीन इकाई स्थापित करने हेतु आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने हेतु पारदर्शी व्यवस्था अपनाई गयी है। यही कारण है कि प्रत्येक क्षेत्र में निवेश प्राप्त हो रहे है।

इस अवसर पर पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ0 रजनीश दुबे ने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश लाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा युद्ध स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। डेयरी सेक्टर की सम्भावनाओं को धरातल पर उतारने तथा समस्त स्टेक होल्डर्स के लिये अधिकाधिक लाभ सुनिश्चित करने के लिये उ0प्र0 दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 प्रख्यापित की गयी है। इस नीति के अन्तर्गत इकाईयां के स्थपित होने पर जहॉ एक ओर रोजगार सृजन होने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर अग्रसर होगा।

वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान मिल्क प्रोसेसिंग प्लान्ट, कोल्ड चेन एवं दुग्धशाला के बाहर फील्ड में नवीन तकनीक स्थापित करने वाले निवेशक तथा कैटल फीड प्लान्ट स्थापित करने वाले निवेशकों के अतिरिक्त नीदरलैण्ड से श्री अरविन्द कुलश्रेष्ठ तथा सिंगापुर से श्री ज्ञानेन्द्र श्रीवास्तव ने निवेश के संबंध में चर्चा की और उ0प्र0 में निवेश के लिए इच्छा जताई।

इस अवसर पर पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, दुग्ध आयुक्त श्री शशिभूषण लाल सुशील, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक श्री कुणाल सिल्कू, पशुधन विभाग के निदेशक प्रशासन एवं विकास डा0 इन्द्रमणि, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डा0 पी0के0 सिंह, डा0 पी0के0 तिवारी, डा0 ए0के0 वर्मा तथा वी0के0 सिंह उपस्थित थे।