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ग्राम चौपालों के सार्थक परिणाम निखर कर आने चाहिए - केशव प्रसाद मौर्य

ग्राम चौपालों के सार्थक  परिणाम निखर कर आने चाहिए - केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों को और अधिक सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित कर सफल बनाया जाए।चौपालों के सार्थक  परिणाम निखर कर आने चाहिए । ग्राम चौपालों के आयोजन हेतु रोस्टर जारी कराया जाए। ग्राम चौपाल के 5 दिन पूर्व से ही ग्राम सभा में सफाई अभियान चलाया जाए । निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों के पूर्व व आयोजनोंपरान्त व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।ग्राम चौपालों का समय से फीडबैक लिया जाए। ग्राम चौपालों में ग्राम्य विकास विभाग के उच्च स्तर के अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी जाएंगे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय सात-कालिदास मार्ग पर ग्राम चौपाल को और बेहतर ढंग से आयोजित कराए जाने के उद्देश्य से आयोजित ग्राम्य विकास विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

उन्होंने पिछले शुक्रवार को प्रदेश में आयोजित ग्राम चौपालों का फीडबैक भी लिया और कहा कि इसके रिजल्ट अच्छे आ रहे हैं। उन्होंने कहा ग्राम चौपालों को परिणामपरक व ग्रामोन्मुखी बनाए जाने और इसका अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिले इसके लिए पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ चौपालों का आयोजन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि रोस्टर जारी हो जाने से किस अधिकारी और किस कर्मचारी को कहां पर आयोजित ग्राम चौपाल में रहना है, पहले से जानकारी रहेगी और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर देने से ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि विभाग के उच्चाधिकारियों के जाने से गांव में और अधिक अच्छे ढंग से चौपालों का आयोजन सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि चौपालों में ग्राम स्तर के सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए और  चौपाल से पूर्व वहां चल रहे निर्माण कार्यों और विकास कार्यों का निरीक्षण किया जाए तथा अधिक से अधिक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। 

उन्होंने कहा चौपालों का आयोजन ठोस व प्रभावी रणनीति बनाते हुए योजनाबद्ध तरीके से कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। चौपालों में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए। चौपालों का आयोजन टीम भावना के साथ रिजल्ट ओरिएंटेड करना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई विशेष उल्लेखनीय कार्य हुआ है या किसी बहुत बड़ी समस्या का निराकरण किया गया है तो फीडबैक में उसका भी उल्लेख किया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग हिमांशु कुमार, ग्राम्य विकास आयुक्त जी एस प्रियदर्शी, अपर आयुक्त मनरेगा रेनू तिवारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक विजेंद्र कुमार सहित ग्राम्य विकास विभाग के अन्य उच्च स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।