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पर्यटन मंत्री ने श्री रामायण यात्रा ‘भारत गौरव पर्यटक’ रेलगाड़ी के यात्रियों का किया भव्य स्वागत

पर्यटन मंत्री ने श्री रामायण यात्रा ‘भारत गौरव पर्यटक’ रेलगाड़ी के यात्रियों का किया भव्य स्वागत

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने अयोध्या रेलवे स्टेशन पर श्री रामायण यात्रा भारत गौरव पर्यटक रेलगाड़ी से पधारे यात्रियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया।

यह रेलगाड़ी भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े पावन स्थलों की यात्रा पर है। यह रेलगाड़ी कल शाम दिल्ली से रवाना हुई थी, जो अयोध्या होते हुए नन्दी ग्राम, जनकपुर, सीतामढ़ी, बक्सर, वाराणसी, प्रयागराज, श्रृंग्वेरपुर, चित्रकूट, नासिक, हम्पी, रामेश्वरम, कांचीपुरम, भद्राचलम से होती हुई दिल्ली पुनः वापस आयेगी।

उन्होंने अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह एवं मेयर ऋषिकेष उपाध्या के साथ 499 रामायण यात्रा दल के सदस्यों के प्रतिनिधियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और दल प्रमुखों को रामचरित मानस की प्रतियां भी भेंट की। उन्होंने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन का हर पहलू प्रेरणा का स्रोत है। भारत राममय है और भगवान श्रीराम भारत के आदर्शों में शामिल है। इस अवसर पर परगना अधिकारी अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक श्री अखिलेश द्विवेदी तथा पर्यटन विभाग के उपनिदेशक मौजूद थे।

इसके पश्चात जयवीर सिंह ने अयोध्या में संचालित निर्माण कार्यों का समीक्षा की एवं निर्माणाधीन तुलसी स्मारक भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि पुनरीक्षित प्रस्ताव का औचित्य सहित थ्री-डी प्रस्तुतिकरण प्रमुख सचिव पर्यटन के समक्ष 25 जुलाई को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि कार्य में गुणवत्ता एवं संबद्धता भी सुनिश्चित करें अन्यथा दण्ड के भागी होंगे।

जयवीर सिंह ने कहा कि जो निर्माण कार्य अयोध्या में पूरे हो चुके हैं, उसका तकनीकी परीक्षण कराने के पश्चात ही भवन को हैण्डओवर किया जाय। उन्होंने सीएनडीएस कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि जो कार्य नहीं कराये जा रहे, उसकी धनराशि विभाग को वापस करें। पर्यटन विभाग समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जो प्रस्ताव लम्बित हैं, उनका निस्तारण समय से सुनिश्चित करें।  

इसके अलावा भारत सरकार योजनाओं को राज्यांश से संबंधित प्रकरणों में उपयोगिता प्रमाण पत्र के संबंध में जो अपत्तियां हैं उसका निस्तारण कराकर भारत सरकार को प्रेषित करें, ताकि अग्रिम कार्यवाही की जा सके।